नेत्रहिन लोगों को रोजगार उपलब्ध किया जाएगा
विश्व नेत्रदान दिवस निमित्त स्वयंसिद्ध का अभिनव उपक्रम कल

* पत्रकार परिषद में दी किरण पातुरकर ने दी जानकारी
अमरावती/दि.10– स्वयंसिद्ध उद्योजकता विकास अभियान, राष्ट्रीय दृष्टिहिन संघ महाराष्ट्र, एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन, चिल्लर किराणा एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन, केमिस्ट अॅन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, होटल अॅन्ड रेस्टारेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में कल मंगलवार 11 जून को नेत्रहिनों के लिए कागजी और कपडे की थैलियां बनाने का एक दिवसीय निशुल्क वर्कशॉप एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के सभागृह में आयोजित किया गया है. नेत्रहिनों के लिए इस तरह का यह पहला अभिनव वर्कशॉप लिया जा रहा है. इस कार्यशाला में राष्ट्रीय दृष्टिहिन संघ महाराष्ट्र के 60 से 70 सदस्य उपस्थित रहनेवाले है. उन्हें कागजी और कपडे की थैलियों का प्रशिक्षण वर्षा टिकले, कांचन गाडगे, शीला मोरे, रंजना बिडकर , प्रिया महल्ले देनेवाली है. ऐसी जानकारी रविवार को पत्रकार परिषद में स्वयंसिद्ध उद्योजकता विकास अभियान के अध्यक्ष किरण पातुरकर ने दी.
पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्घाटन मंगलवार 11 जून को दोपहर 12 बजे एमआईडीसी इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के सभागृह में किया जाएगा. प्रमुख अतिथि के रुप में अमरावती मंडल के संपादक अनिल अग्रवाल, हरीना नेत्रदान समिति के उपाध्यक्ष चंद्रकांत पोपट, होटल अॅन्ड रेस्टारेंट एसोसिएशन के सारंग राऊत, केमिस्ट अॅन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ मालानी, चिल्लर किराणा एसोसिएशन के अध्यक्ष आत्माराम पुरसवानी, राष्ट्रीय दृष्टिहिन संघ महाराष्ट्र की मानद अध्यक्षा कविता बिरादार उपस्थित रहनेवाले है. चिल्लर किराणा एसोसिएशन, होटल एसोसिएशन और केमिस्ट अॅन्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने आश्वासन दिया है कि यह सभी दृष्टिहिन लोग अच्छे दर्जे की बैग बनाकर देंगे. स्वयंसिद्ध उद्योजकता विकास अभियान की तरफ से बाय बैग गारंटी सहित अगरबत्ति का प्रशिक्षण दिया गया. इस प्रशिक्षण में 150 से अधिक महिला-पुरुष शामिल हुए थे. अब इस संस्था का यह दूसरा प्रकल्प है जिसमें नेत्रहिनों को रोजगार दिलवाने का प्रयास किया जानेवाला है और जल्द ही स्वयंसिद्ध उद्योजकता विकास अभियान के अध्यक्ष किरण पातुरकर के नेतृत्व में गारमेंट प्रशिक्षण की भी शुरूआत की जानेवाली है, ऐसा संस्था की संयोजिका प्रा. मोनिका उमक ने सूचित किया है.