
अमरावती/दि.18 – पहले लॉकडाउन के दौरान फेसबुक पर एक समुदाय के बारे में आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने से फ्रेजरपुरा थाने में दर्ज मामले को मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने खारिज कर दिया है, इस मामले में एड. सपना जाधव का सफल पैरवी की. 17 अप्रैल, 2020 को सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त डिप्टी इंजीनियर 67 वर्षीय सुरेश लक्ष्मण उमक ने अपनी फेसबुक आईडी से आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड किया. इस संबंध में फ्रेजरपुरा थाने में सुरेश उमक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इसी मामले में एड. सपना जाधव के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दाखिल की. इस मामले में एड. सपना जाधव ने पैरवी करके कोर्ट में दलील दी कि, इस पोस्ट को फॉरवर्ड करने के पीछे उनका किसी विशेष जाति या धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं था. संदेश को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के दायरे में याचिकाकर्ता के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) ए के अनुसार पोस्ट किया गया है, यह बात कोर्ट के निर्देश में लाया. फेसबुक पर पोस्ट की समीक्षा करने के बाद हाईकोर्ट के नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति एम. देशपांडे और न्यायमूर्ति ए.बी. बोरकर की पीठ ने मामले को खारिज कर दिया.