गर्मी में कहीं पर भी लग सकती है आग, सतर्कता जरुरी

अमरावती/दि.2– गर्मी के मौसम दौरान कचरा व गंदगी जमा रहनेवाले किसी भी स्थान पर आग लग सकती है. विशेष कर विभिन्न वैज्ञानिक कारणों के चलते कचरा डिपो में आग लगने की संभावना अधिक रहती है. ऐसे में गर्मी के मौसम दौरान अग्निकांड वाली घटनाओं को टालने के लिए सावधान व सतर्क रहना जरुरी रहता है अन्यथा इसके भीषण दुष्परिणाम भी सामने आ सकते है.
ज्ञात रहे कि, कचरा डिपो जैसी जगह की वजह से आसपास रहनेवाले नागरिकों को पहले ही दुर्गंध सहित विभिन्न समस्याओं का सामना करना पडता है. वहीं ऐसे स्थान पर लगनेवाली आग के बाद जहरिला धुआं निकलता है, जो लोगों के नाक व मुंह में जाता है. जिससे श्वसन संबंधि विकार भी हो सकते है. बावजूद इसके ऐसी घटनाओं को गंभीरतापूर्वक नहीं देखा जाता, बल्कि कई बार लोगबाग खुद ही कचरे व गंदगी वाले स्थान पर आग लगा देते है.
* कंपोस्ट डिपो का धुआं भोजन की थाल तक
बता दे कि, शहर के पास ही सुकली व अकोली परिसर में अमरावती महानगर पालिका का कचरा संकलन डिपो है, जहां कचरे पर प्रक्रिया करते हुए प्लास्टिक को कचरे से अलग किया जाता है. इन्हीं दोनों कचरा डिपो के पास रिहायसी बस्ती भी स्थित है. ऐसे में कचरा डिपो में आग लगकर यहां से उठनेवाला जहरिला धुआं लोगों के घरों में उनके भोजन की थाल तक पहुंचता है. जिसे देखते हुए आवश्यक उपाय करने की जरुरत है.
* छोटे बच्चों का स्वास्थ खतरे में
कचरे से निकलनेवाले धुएं की वजह से श्वसन संबंधि समस्या निर्माण होती है. इसके साथ सांस फुलना, सीने में जलन होना व खांसी होने जैसी समस्या के साथ ही अस्थमा जैसी श्वसन संबंधि बीमारी भी हो सकती है. साथ ही धुएं की वजह से दिल की धडकने भी बढ सकती है.
* कचरा डिपो के आसपास रहना मुश्कील
सुकली स्थित कचरा डिपो के आसपास कई रिहायसी बस्तियां आबाद हो गई है. वहीं दूसरी ओर कचरा डिपो में जमा कचरे का शास्त्रोक्त पद्धति से निस्तारण करने की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही है. जिसके चलते इस क्षेत्र की बस्तियों में रहना मुश्कील हो चला है. परिणामस्वरुप इस क्षेत्र के नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है और वे विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे है.
* आग लगती है या लगाई जाती है
अमरावती महानगर में आग पर नियंत्रण हासिल करने हेतु अग्निशमन दल की सहायता ली जाती है और शहर में मनपा के 5 फायरबिग्रेड स्टेशन भी कार्यरत है. जिनकी आवश्यकतानुसार सहायता ली जाती है. परंतु कचरा डिपो में आग लगती है या जानबुझकर लगाई जाती है, यह अपने आप में एक गंभीर सवाल है.
* धुएं व दुर्गंध को रोकने उपाय जरुरी
शहर से निकलने वाले कचरे को रोजाना घंटागाडी के जरिए संकलित करते हुए कचरा डिपो में ले जाया जाता है. जहां पर गिले व सूखे कचरे को अलग-अलग किया जाता है और गिले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है. बारिश के मौसम दौरान कचरे की दुर्गंध न फैले इस हेतु वहां पर टीनशेड डाला गया है.
* आधे किमी तक कचरा डिपो की दुर्गंध
सुकली स्थित कचरा डिपो अब कचरे से लबालब भर गया है. जहां पर कचरे के बडे-बडे पहाड तैयार हो गए है. बारिश के मौसम दौरान सुकली रोड स्थित कचरा डिपो की दुर्गंध आधा किमी के दायरे में फैली रहती है. चूंकि इस परिसर में कई रिहायसी बस्तियां है. इसके चलते इस परिसर में रहनेवाले नागरिकों सहित यहां से होकर गुजरनेवाले लोगों को भी इस दुर्गंध का सामना करना पडता है.