अमरावती

पहले कोरोना और अब युद्ध की वजह से साहिर को लौटना पडा घर

युक्रेन से सही सलामत अपने घर परिवार में पहुंचा साहिर तेलंग

अमरावती/दि.1 – युद्धजन्य स्थिति से हम कब बाहर निकलेंगे, यह एकमात्र विचार युक्रेन में फंसे सभी भारतीय विद्यार्थियों को लगातार सता रहा है. रशिया के लडाकु विमानों से लगातार बम बरसाये जा रहे है. ऐसे में अपने घर परिवार से हजारों किलोमीटर दूर पढाई लिखाई के लिए युक्रेन में अकेले रहने वाले भारतीय विद्यार्थियों का अब परिवार की याद के साथ-साथ अपनी जान का भय सता रहा है. ऐसे ही विद्यार्थियों का पहला जत्था शनिवार की रात विमान से भारत पहुंचा और यहा पहुंचते ही सभी की आंखों से खुशी के आसु निकल गये और सभी ने राहत की सांस ली. इस विमान में चांदूर रेल्वे निवासी साहिर तेलंग का भी समावेश था, जो युक्रेन से भारत वापिस लौटने वाला पहला अमरावतीवासी है.
चांदूर रेल्वे निवासी प्रा. प्रसंन्नजित तेलंग का बेटा साहिर इस समय युक्रेन का प्रशासकीय केंद्र रहने वाले चेरनिवंत्सी शहर के मेडिकल कॉलेज में मेडिकल पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष का छात्र है. अगले दो माह के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर परिक्षा देने के बाद उसे पदवी मिलने वाली थी. किंतु इससे पहले ही युक्रेन और रुस के बीच टकराव वाली स्थिति बनकर युद्ध शुरु हो गया. जिसकी वजह से उसकी पढाई बीच में ही बंद हो गई है और उसे अपनी पढाई अधूरी छोडकर वापिस अमरावती लौटना पडा है. साथ ही अब युद्ध कब तक खत्म होगा और युक्रेन में हालात कब तक सामान्य होगे, बस इसकी प्रतिक्षा की जा सकती है. ऐसा साहिर तेलंग का कहना रहा. साथ ही उसकी मन अब भी युक्रेन स्थित अपने कॉलेज कैम्पस मेें ही अटका हुआ है.
युक्रेन से भारत लौटने को लेकर अपने अनुभव के बारे में साहिर तेलंग ने बताया कि, चेरनिवंत्सी काफी बडा शहर है. जहां पर रहने वाले भारतीय विद्यार्थी की संख्या काफी अधिक है. युद्ध शुरु होने के बाद इन सभी बंकर में शरण दी गई थी. पश्चात उन्हें बस में बिठाकर रोमानिया की सीमा पर भेजा गया और रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के विमानतल पर लाकर एयर इंडिया के विमान से भारत भेजा गया. जिससे वे शनिवार की रात मुंबई पहुंचकर अपने-अपने घर आये. साहिर ने बताया कि, जिस समय वे युक्रेन से चले थे तब रुसी जंगी जहाजों द्बारा रोजाना ही युक्रेन की राजधानी किव पर बम बरसाये जा रहे थे और हर ओर तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था. कई बडी-बडी इमारते मलबे में तब्दील हो गई है. वहीं वजह है कि, युक्रेन में रहने वाले सभी लोगों को लेकर पूरी दुनिया में चिंता का माहौल है.

* बच्चों के आगे सबकुछ फीका
अपने बेटे साहिर तेलंग के सही सलामत घर लौट आने से उसके माता-पिता बेहद खुश है. अपनी खुशी जाहीर करते हुए साहिर के पिता प्रा. प्रसन्नजित तेलंग ने कहा कि, अपने बच्चों के आगे दुनिया के तमाम सुख फीके है. जिस तरह साहिर युक्रेन से सही सलामत अपने घर लौट आया है. उसी तरह युक्रेन में रहने वाले सभी बच्चे अपने-अपने घर परिवार में अपने माता-पिता के पास पहुंचे, ऐसी हमारी सदिच्छा है.

* पालकमंत्री ठाकुर ने युक्रेन में फंसे अमरावती के विद्यार्थियों से साधा संवाद
रुस-युक्रेन युद्ध के बीच युक्रेन में इस समय हजारों भारतीय फंसे हुए है. जिनमें अमरावती जिले के करीब 10 विद्यार्थियों का समावेश है, जो मेडिकल की पढाई करने हेतु युक्रेन गये थे. यह जानकारी मिलते ही जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर ने इन सभी विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों का संपर्क क्रमांक हासिल करते हुए उनसे तुरंत बात की. साथ ही उन्हें यह दिलासा भी दिया कि, इन सभी बच्चों को जल्द से जल्द भारत वापिस लाने हेतु केंद्र सरकार के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय द्बारा संपर्क किया जा रहा है.

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