
अमरावती/प्रतिनिधि दि.२२ – शालेय शिक्षा विभाग की ओर से कक्षा पहली प्रवेश के लिये छात्रों की आयु सीमा 6 की बजाय साढ़े पांच वर्ष कर दी गई है, जिससे शिक्षकों सहित पाल्यों में भी हड़कंप मचा है. 30 सितंबर को 6 वर्ष पूर्ण करने वाले बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाने वाला था. लेकिन अब यह अवधि 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है.
यहां बता दें कि मुफ्त व सख्ती से शिक्षा के अधिकार के अधिनियम के अनुसार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया पूरी हुई है. 6 वर्ष आयु सीमा पार करने के बाद ही कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाये, यह आदेश राज्य के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने इससे पूूर्व पारित किया था. लेकिन दस्तावेजों में 6 वर्ष पूरा करने की बात बतलाकर निकष में अचानक बदलाव कर दिया. जिससे साढ़े पांच वर्ष आयु सीमा के बच्चों को कक्षा पहली में प्रवेश दिया जा रहा है. प्राथमिक स्कूलों ने इस निकष को अमल में लाना शुरु किया है. हालांकि अनेक नागरिकों व्दारा इसका विरोध जताया गया. अगले साल संबंधित छात्रों को जिनके साढ़े छह वर्ष पूर्ण हो चुके है, उन्हें कक्षा पहली की बजाय कक्षा दूसरी मेंं प्रवेश दिया जाएगा. महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चे जनवरी माह में पहली कक्षा में प्रवेश करेंगे और इससे पहले बच्चे दूसरी कक्षा में प्रवेश करेंगे.
बच्चों का शैक्षणिक प्रवेश होने से पटसंख्या में 20 फीसदी वृध्दि हुई है, लेकिन अगले वर्ष यह पटसंख्या घटेगी, जिससे शिक्षकों पर गाज गिर सकती है.