निम्न पेढी प्रकल्प से घुंगशी बैरेज प्रकल्प तक ‘फ्लड लाइन’
सिंचन समृद्धि के लिए एक करोड रुपए का खर्च

अमरावती/दि.2– जिले के खारेपानी पट्टे के एकमात्र सिंचन प्रकल्प वाले भातकुली तहसील के निम्न पेढी प्रकल्प से अकोला जिले के घुंगशी बैरेज प्रकल्प में बाढ रेखा की लाल और नीली रेखा की निश्चिती की जाने वाली है. अमरावती प्रकल्प निर्माण विभाग की तरफ से इस काम के लिए 1 करोड 8 लाख 49 हजार 11 रुपए खर्च किया जाने वाला है. वर्ष 2008 से निम्न पेढी प्रकल्प का निर्माण शुरु है. इस बार जून माह में प्रकल्प में पानी भरना प्रस्तावित है.
जलसंचय और पर्याय के तौर पर सिंचन व्यवस्था अमल में लाने के लिए अमरावती प्रकल्प बांधकाम विभाग ने शेष काम को गति दी है. एक तरफ प्रकल्प बाधितों के स्थलांतरण में मर्यादा आने से प्रकल्प विभाग में पांचों पुनवर्सित स्थल पर मूलभूत सुविधा का निर्माण शुरु किया है. इसी के एक भाग के रुप में करीबन 1.08 करोड रुपए में से निम्न पेढी प्रकल्प से घुंगशी बैरेज प्रकल्प तक बाढ रेखा निश्चित की जाने वाली है. साथ ही संपूर्ण सर्वेक्षण, पेढी नदी का सिमांकन तथा बांध फूटने के विश्लेषण का प्रस्ताव तैयार किया जाने वाला है. निम्न पेढी के लिए आपातकालीन कृति प्रारुप भी तैयार किया जाने वाला है.
* ऐसा है निम्न पेढी प्रकल्प
161 करोड रुपए के मूल प्रशासकीय मान्यता वाले और अब करीबन 2 हजार करोड रुपए से अधिक तक पहुंचा निम्न पेढी प्रकल्प भी वर्ष 2008 में शुरु किया गया. इस प्रकल्प के माध्यम से अमरावती जिले के दर्यापुर तथा अकोला जिले के मूर्तिजापुर खारेपानी पट्टे के किसानों की खेती को पानी मिलने वाला है. करीबन 12 हजार 230 हेक्टेअर क्षेत्र की सिंचन क्षमता इस प्रकल्प से अपेक्षित थे. लेकिन 17 साल के बाद ही इस प्रकल्प से सिंचन व्यवस्था शुरु नहीं हुई है.
* ऐसा है घुंगशी बैरेज प्रकल्प
अकोला जिले के मूर्तिजापुर तहसील के घुंगशी बैरेज को 23 दिसंबर 2008 को प्रशासकीय मंजूरी दी गई थी. इस प्रकल्प के माध्यम से करीबन 6343 हेक्टेयर जमीन सिंचन के तहत आने वाली थी. इसका लाभ 22 गांव को मिलने वाला था. लेकिन यह प्रकल्प अभी भी पूर्ण क्षमता से शुरु नहीं हुआ है. घुंगशी बैरेज प्रकल्प के लिए कुल 400 हेक्टेयर भूमि संपादीत की गई थी.