अमरावती

तेंदूआ पकडने में नाकाम वनविभाग निकाल रहा अशासकीय संस्थाओं पर गुस्सा

वन्यजीव अभ्यासकों व प्राणि मित्रों ने जिलाधीश से की शिकायत

अमरावती/दि.9– शहर के विदर्भ महाविद्यालय परिसर में विगत कुछ माह से तेंदूएं जैसे जंगली प्राणि का वास्तव्य रहने की बात समझमें आ चुकी थी. जिसके बारे में स्थानीय वनविभागीय को जानकारी भी दी गई थी. परंतु वनविभाग ने इसकी ओर अनदेखी की और तेंदूएं को स्थलास्तरीत करने के लिए कोई उपाय भी नहीं किए. जिसके चलते विगत दिनों उक्त तेंदूआ शिकार की तलाश करते हुए रिहायशी बस्तियों में जा घुसा था. उस समय कुछ अशासकीय संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयासों के चलते तेंदूए की वजह से होने वाली जीवित हानि को टाला जा सका था. लेकिन इसके बावजू भी अपने कर्तव्य में नाकाम रहने वाले वनविभाग द्वारा अशासकीय संस्थाओं पर बेवजह अपनी भडास निकाला जा रही है और ऐसी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने की धमकी जा रही है. इस आशय की शिकायत वन्यजीव अभ्यासकों व प्राणि मित्रों द्वारा जिलाधीश को सौंपे गए ज्ञापन में की गई है.

इसके साथ ही इस ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि, विएमवि परिसर में घुम रहे तेंदूए की वजह से परिसर में रहने वाले सभी लोगों की जान खतरे में है. ऐसे में अब तक तेंदूए को पकडने में नाकाम रहे वनविभाग के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस तथा जिला प्राणि क्लेश समिति के जरिए सदोष जीवित हानि हेतु कारणीभूत रहने के लिए कार्रवाई प्रस्तावित की जाए. ज्ञापन सौंपते समय सागर मैदानकर, मुकेश पिवतकर, सुरेश पाटिल, धीरज इंगले, प्रियांशु तायवाडे, अंकुश खोडे, निहाल गायकवाड, विवेक सावरकर, कुणाल गेडाम, समीर वरघत, ऋषिकेश सोनारे, श्री गावंडे, सचिन नेवारे, सौरभ ढुमने, अजय भालेराम, हौनी पुजागडे आदि उपस्थित थे.

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