मकाऊ में भारतीय टीम को गोल्ड सहित चार मैडल
अमरावती के कल्पेश गांधी हैं रोलर स्कैटिंग हॉकी टीम के कोच

अमरावती/दि.31- मकाऊ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रोलर स्कैटिंग हॉकी स्पर्धा में भारतीय टीम ने सर्वोच्च प्रदर्शन कर एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक प्राप्त किया. टीम के प्रशिक्षक अमरावती के कल्पेश सुरेंद्र गांधी हैं. आज तक इतिहास में महाराष्ट्र से किसी प्रशिक्षक को यह जिम्मा सौंपा नहीं गया था. आज कल्पेश की बदौलत टीम ने अंडर 14, अंडर 19 और सीनियर रुप में पदक प्राप्त किए हैं. कल्पेश की इस उपलब्धि पर न केवल अमरावती बल्कि संपूर्ण महाराष्ट्र के रोलर स्कैटिंग हॉकी असो. में उत्साह की लहर छायी है.
* बेटियों का बड़ा कमाल
मकाऊ में हुई अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धा के बारे में कल्पेश गांधी ने बताया कि स्पर्धा में चीन, ताइवान, जापान, मकाऊ,स्पेन जैसे देशों के अग्रणी खिलाड़ियों ने सहभाग लिया. जिसमें कल्पेश के नेतृत्व में भारतीय समूह के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अलग-अलग श्रेणियों में कीर्तिमान रचे. लड़कों की अंडर 14 टीम ने कांस्य पदक, अंडर 19 में रजत पदक और सीनियर ने रजत पदक प्राप्त किया. अन्य क्षेत्र की तरह यहां भी बेटियों ने बड़ा कमाल दिखाया. लड़कियों ने सीनियर ग्रुप में गोल्ड मैडल हासिल किया.
* सुरेंद्र गांधी के सुपुत्र
बता दें कि कल्पेश शहर के प्रसिद्ध ज्वेलर सुरेंद्र गांधी का सुपुत्र और नवरतनमलजी गांधी का पौत्र है. कल्पेश स्वयं उत्कृष्ट स्कैटिंग हॉकी खिलाड़ी रहा है. उसने अनेक अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और पदक जीते है.
* न्यू गणेश कॉलोनी में बर्निंग स्टिक्स
कल्पेश गांधी न्यू गणेश कॉलोनी स्थित शांतिनिकेतन इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में बर्निंग स्टिक्स रोलर हॉकी क्लब अंतर्गत प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं. वे खिलाड़ियों के हुनर को निखारते और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में खेलने व विजयी होने का योग्य प्रशिक्षण देते हैं.
* खत्री, भोकरे पहुंचे बधाई देने
कल्पेश के कीर्तिमान की खबर मिलते ही जिला संगठन अध्यक्ष दिलीप खत्री, सचिव श्याम भोकरे, बर्निंग स्टिक्स रोलर क्लब के अध्यक्ष सौरभ दीक्षित, उपाध्यक्ष अभिजीत चौधरी, सहसचिव निखिल पच्चीगर ने कल्पेश को बधाई दी है. उसके पिता सुरेंद्र, माताजी सौ. चंदा, पत्नी नैन्सी और दोनों पुत्रियां बड़ी उत्साहित और हर्ष विभाग हो गई है. पिता सुरेंद्र ने कहा कि कल्पेश ने अपने शहर, दादाजी स्व. नवरतनमलजी गांधी, राज्य, देश का नाम बढ़ाया है. कल्पेश वर्षों के अनुभव और खेल के प्रति निष्ठा को इस सफलता का श्रेय देते हैं.