सरकार निजी बसों पर किराया वृद्धि की दर तय नहीं कर सकती
अमरावती जिला ट्रैवल्स असोसिएशन देगा अदालत में आदेश को चुनौती

अमरावती/ दि. 15- पर्व व त्यौहारों को देखते हुए निजी लक्जरी बसों व ट्रैवल्स संचालकों द्वारा किराये में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर दी जाती है. इस वजह से आम लोगों को फिजूल आर्थिक खामियाजा भुगतना पड़ता है. इस कारण सरकारी निर्णय के मुताबिक निजी ट्रैवल्स व लक्जरी बसों के संचालकों को आदेश जारी कर नियमानुसार किराया शुल्क वसूलने के आदेश जारी किये गए हैं. शुक्रवार को प्राप्त हुए इस सरकारी आदेश के बाद जिले के सभी लक्जरी व ट्रैवल्स संचालकों ने निराशा जताई है. उनका कहना था कि निजी बसों पर सरकार किराया बढ़ोत्तरी की दर सही नहीं कर सकती. फिलहाल हम आदेश का पालन करेंगे, लेकिन अदालत में इसे चुनौती दी जाएगी.
सरकारी आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार को आरटीओ द्वारा दर सूची जारी की गई है. इसकी प्रति शहर सहित जिले के सभी लक्जरी व ट्रैवल्स संचालकों को प्राप्त हो गई है. इस पर अमरावती जिला ट्रैवल्स असोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है. इस संबंध में शनिवार की शाम संगठन के पदाधिकारी व संचालकों की बैठक ली जाने वाली है, जिसमें गहन चर्चा के बाद आगे की रुपरेखा निश्चित की जाने वाली है. अमरावती जिला ट्रैवल्स असोसिएशन के अध्यक्ष मिराज खान पठान ने बताया कि सभी ट्रैवल्स संचालक पूरे वर्ष में दिवाली त्यौहार के अवसर पर केवल आठ से दस दिन किराये में बढ़ोत्तरी करते हैं, क्योंकि उन्हें रोड, प्रोफेशनल, ग्रीन, टोल और इनकम टैक्स के अलावा जीएसटी भी अदा करनी पड़ती है. इसके अलावा आये दिन डिजल के दामों में वृद्धि होती रहती है. हम यात्रियों को अच्छी से अच्छी सुविधा देते हैं जो सरकारी बसों में नहीं रहती. साथ ही सड़कों पर चल रही हमारी निजी बसों का टैक्स भी सरकार को नियमित अदा कर रहे हैं, इस कारण निजी बसों पर किराया वृद्धि की दर सरकार तय नहीं कर सकती और उन्हें इसका अधिकार नहीं है. सरकार ने ऐसे आदेश देने से पूर्व मुल्यांकन करना चाहिए.
दिवाली के दिनों में ही दस गुना अधिक चलती है निजी बस
जिला ट्रैवल्स असोसिएशन के अध्यक्ष मिराज खान पठान ने यह भी बताया कि पूरे वर्ष चलने वाली लक्जरी व निजी ट्रैवल्स हर दिन की तुलना में दीपावली में दस गुना ज्यादा चलाई जाती है, क्योंकि दीपावली के अवसर पर बाहर गांव पढ़ने वाले विद्यार्थी और नौकरी करने वाले लोग अपने घर आना चाहते हैं. यदि सरकार को दर वृद्धि तय करनी है तो सरकार ने रोड व टोल टैक्स में छूट देनी चाहिए, ताकि सभी निजी बस संचालक कम दर में अपनी गाड़ियां चला सके.
संपूर्ण राज्य में होगा विरोध
मिराज खान पठान ने बताया कि राज्य के सभी ट्रैवल्स संचालकों की इस तरह की समस्या के निवारणार्थ ऑल इंडिया बस ऑपरेटर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यह केंद्रीय स्तर की संस्था कामकाज देखती है जो ट्रैवल्स संचालकों की दुविधाओं को दूर करने सरकार और इनके बीच की मध्यस्थी होती है और ऐसे मामलों को दूर करने का प्रयास करती है. पुणे में इस संगठन की बैठक जारी है. वहां के निर्णय और अमरावती में आयोजित बैठक में हुई चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.