प्रतिनिधि/दि.२७
नांदगांव पेठ– ग्रामीण स्तर पर जनता के कार्यो को निपटाने के लिए ग्राम सेवक व पटवारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. वहीं ग्राम सेवक व पटवारियों को गांव के मुख्यालयों मेंं ही रहने के आदेश है. बावजूद इसके वे मुख्यालय में नहीं रह रहे है. जिससे नागरिकों को असुविधाओं का सामना करना पड रहा है. भ्रष्टाचार निर्मूलन व मानवधिकार संगठन ने जिलाधिकारी को निवेदन देकर ग्रामसेवक पटवारी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए है. अन्यथा तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष धनंजय उमप ने दिए है. यहां बता दे कि, ग्राम सेवक व पटवारी शहर से आवागमन करते है. किराया भत्ता लेने के बावजूद भी यह कर्मचारी सरकार की ओर से तय किए गए समयावधि पर काम करते हुए नहीं दिखायी देते है. सुबह ११ बजे कार्यालय में मौजूद रहना आवश्यक होने पर भी कुछ ग्रामसेवक और पटवारी अपना काम निपटाकर २-२ बजे कार्यालय में आते है और जल्द ही छूमंतर हो जाते है. नागरिकों द्वारा जब इस बारे में पूछताछ की जाती है तो जिलापरिषद, पंचायत समिती में मिटींग होने की बात कहकर टाल दिया जाता है. यह प्रकार हरएक गांव में प्रतीत हो रहा है. ग्राम सेवक व पटवारी को मुख्यालय में रहने के निर्देश है. फिर भी वे इस आदेश का पालन करते हुए नजर नहीं आते है. कोविड -१९ के प्रकोप में भी कर्मचारी शहर से आना जाना करते है. कुछ कर्मचारी रेड जोन से अपनी ड्यूटी पर आते है. जिसके दुष्परिणाम ग्रामवासियों को भुगतने पडते है. इन लापरवाह ग्रामसेवक व पटवारियों पर कार्रवाई की जाए अन्यथा भ्रष्टाचार निर्मूलन व मानवाधिकार संगठन की ओर से आंदोलन करने की चेतावनी प्रदेशाध्यक्ष धंनजय उमप ने दी है.