स्टाफ कमी के कारण गुटखा अवैध रूप से बिक रहा
गुटखे पर बैन जारी रहेगा, जीएसटी घाटे की परवाह नहीं
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* मंत्री नरहरि झिरवाल का कहना
* 190 अफसरों की तत्काल नियुक्ति
अमरावती/ दि. 27- फूड एवं ड्रग विभाग के मंत्री नरहरि झिरवाल ने स्वीकार किया कि उनके विभाग के पास स्टाफ के आधे पद रिक्त होने के कारण प्रतिबंध के बावजूद पूरे राज्य में गुटखा धडल्ले से बेचा जा रहा है. उन्होंने गुटखे को नियमित करने की संभावना को सिरे से खारिज कर यह भी कहा कि सरकार को 3 हजार करोड के जीएसटी राजस्व की परवाह नहीं है. गुटखा पर बैन जारी रहेगा. इसके लिए फूड व ड्रग महकमा अपना निगरानी कक्ष और यंत्रणा विकसित करने पर विचार कर रहा हैं. राज्य सरकार के संबंधित विभागों, वित्त विभाग से चर्चा व विचार विनिमय कर यह यंत्रणा स्थापित होगी. मंत्री झिरवाल आज दोपहर विभागीय आयुक्त कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि विभाग का कार्यक्षेत्र व्यापक है. खाद्य पदार्थो मेंं मिलावट से लेकर तो दवाईयों तक सभी का ध्यान रखना है. निगरानी करनी है. ऐसे में प्रदेश में लगभग 52 प्रतिशत मानव संसाधन की कमी देखी गई है. विभाग की कार्रवाई प्रभावी करने शीघ्र नई नियुक्तियां की जायेगी. 190 अधिकारियों की नियुक्ति अगले एक माह में कर देने की घोषणा विभाग के मंत्री नरहरि झिरवाल ने आज दोपहर मीडिया से बातचीत में की. उन्होंने प्रभावी कार्रवाई के लिए मोबाइल लैब की संख्या 2 से बढाकर 28 करने की जानकारी दी. उसी प्रकार विभाग निहाय प्रयोगशाला स्थापना की घोषणा की.
मंत्री झिरवाल आज सबेरे अमरावती दौरे पर पधारे. उन्होंने विशेष सहायता विभाग का ब्यौरा लेने के बाद एफडीए का भी कामकाज का अवलोकन किया. पश्चात पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा करते हुए उन्होंने गुटखा पाबंदी कडाई से न होने की बात स्वीकार की. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि गुटखे पर प्रतिबंध जारी रहेगा. जब उनसे कहा गया कि गुटखा सरेआम उपलब्ध है. किसी को भी कार्रवाई का खौफ नहीं है. इससे राज्य का 3 हजार करोड का राजस्व भी डूब रहा है. फिर भी मंत्री झिरवाल ने स्पष्ट कहा कि, जीएसटी की बात जाने दें. राज्य में गुटखा प्रतिबंधित है और रहेगा. इस बारे में स्टाफ भर्ती कर एवं अन्य विजिलैंस व्यवस्था कर कार्रवाई होगी.
* एफडीए की अपनी विजिलैंस
मूल रूप से नासिक जिले के डिंडोरी के नरहरि झिरवाल ने कहा कि एफडीए गुटखे और दवाई कारोबार पर निगरानी के लिए अपनी व्यवस्था, विजिलैंस स्थापित करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है.् अभी एफडीए को पुलिस की सहायता लेनी होती है. उन्होंने स्टाफ क्रंच की बात बारंबार कबूल की. अमरावती में भी एफडीए का आयुक्त पद रिक्त होने और प्रभारी अधिकारी के पास जिम्मा होने की बात स्वीकार कर कहा कि आगे स्थाई नियुक्ति पर विचार होगा.
* नागपुर और नाशिक में लैब
मंत्री महोदय ने बताया कि उन्होंने 3 माह पहले विभाग का जिम्मा संभाला है. विभाग का क्षेत्र व्यापक है. खाद्य पदार्थो के सैम्पल की जांच में प्रयोगशाला की कमी होने से काफी विलंब हो जाता है. जबकि नियमानुसार 12 से 13 दिनों में रिपोर्ट आनी चाहिए. वे प्रदेश के सभी संभागों में कम से कम एक प्रयोगशाला स्थापित करने पर जोर दे रहे हैं. महीने भर में नागपुर और नाशिक की प्रयोगशाला कार्यान्वित करने का भरोसा उन्होंने दिलाया. अमरावती की कार्रवाई के सैम्पल नागपुर लैब में भेजे जा सकेंगे. जिससे जल्दी रिपोर्ट मिलेगी और कार्रवाई में तेजी आयेगी.
मंत्री महोदय ने कुछ राजनीतिक प्रश्नों के भी उत्तर दिए. सहयोगी मंत्री धनंजय मुंडे के त्यागपत्र के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री इस बारे मेें निर्णय करेंगे. उन्होंने स्वीकार किया कि आरोप लगे हैं. उन्होंने बताया कि राकांपा की प्रत्येक मंगलवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निवास पर समीक्षा बैठक होती है. जिसमें दोनों चर्चित मंत्री माणिकराव कोकाटे और धनंजय मुंडे सहभागी हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री कोकाटे का विषय उनके मंत्री बनने के कारण ही 25 वर्ष बाद शिकायतकर्ता ने दोबारा उठाया. उल्लेखनीय है कि कोकाटे को कोर्ट ने दो वर्ष जेल की सजा सुनाई है.
* 4.75 करोड का माल जब्त
अमरावती एफडीए के आयुक्त चव्हाण ने बताया कि गत एक वर्ष में एफडीए ने जिले में 147 कार्रवाई कर 4 करोड 75 लाख का माल जब्त किया. 28 प्रकरणों में एफआईआर की गई है.
* आदिवासियों का प्रबोधन
मेलघाट के 22 दिनों के नवजात को सलाख से चटके देने के विषय में मंत्री झिरवाल ने कहा कि जनजातीय लोगों में बडा अज्ञान है. उनका प्रबोधन करना ही एकमात्र साधन नजर आ रहा है. स्वयं आदिवासी होेने के कारण वे इन समस्याओं और अंध विश्वासों की बात मान्य करते हैं. इसके लिए सामाजिक संस्थाओं से व्यापक प्रबोधन की अपील उन्होंने की.
* अमरावती में भी लैब
अत्यंत सहज मंत्री झिरवाल ने वित्त विभाग की मंजूरी लेकर एक वर्ष के भीतर अमरावती में भी एफडीए की प्रयोगशाला स्थापित करने का वादा किया. उन्होंने बडी सहजता से कहा कि वे सीनियर आमदार और जूनियर मंत्री हैं.