युवा पीढी में संस्कार आत्मसात करने का कार्य कर रहे हनुमंत ठाकरे

धामणगांव रेलवे/दि.15 – समाज में छोटे – बच्चों में बढते मोबाइल का प्रमाण व विभक्त परिवार पध्दति की वजह से बच्चों पर बालकों का दुर्लक्ष हो रहा है. घर से बाहर गया तो वह किसके साथ रह रहा है, क्या खा रहा है, इस ओर पालकों का ध्यान नहीं है. ऐसे में ग्रामगीताचार्य हनुमंत ठाकरे द्बारा संस्कार शिविर का आयोजन वीर शिवबा छात्रावास में किया गया है. जिसमें वे रोज सुबह और शाम को युवा पीढी में संस्कार आत्मसात करने का कार्य कर रहे हैं.
वे विद्यार्थियों को संस्कार के साथ बौध्दिक, शारीरिक, मानसिक विकास की दृष्टि से बौध्दिक खेल भी खिला रहे हैं. शिविर के माध्यम से युवाओं को प्राणायम करना, योगा, माता पिता की सेवा करने के साथ ही रामायण, महाभारत, ग्रामगीता, दास बोध, भगवत गीता जैसे ग्रंथ की छोटी- छोटी बाते समझा रहे हैं. संस्कार शिविर के माध्यम से वे युवाओं को संस्कार देने का कार्य कर रहे हैं.