अमरावती

हव्याप्र मंडल धर्म की नहीं बल्कि इंसानियत की भाषा सिखाता है

हव्याप्र मंडल के प्रधान सचिव प्रभाकरराव वैद्य का प्रतिपादन

  • गुलशन टॉवर में संदेश अमन शांति का कार्यक्रम का आयोजन

अमरावती/दि.24 – धर्म नहीं बल्कि हव्याप्र मंडल इंसानियत की भाषा सिखाता है. आगे बढो सबसे आगे बढो इस सोच के साथ संपूर्ण देश में 5 लाख युवाओं की फौज तैयार हुई है जो देश में अमन व शांति लाने के हव्याप्र मंडल के कार्य में साथ दे रहे है. अंबा नगरी के युवा शहर में अमन व शांति का पैगाम जन-जन तक पहुंचाने के लिए हव्याप्र मंडल के साथ कदम से कदम मिलाए ऐसा प्रतिपादन हव्याप्र मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य ने व्यक्त किया.
पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य स्थानीय जयस्तंभ चौक स्थित मंगलवार की शाम गुलशन टॉवर में आयोजित अमन शांति का गुलशन टॉवर व्यापारी संघ व्दारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर अध्यक्ष के रुप में बोल रहे थे. इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त विक्रम साली, सहायक पुलिस आयुक्त भरत गायकवाड, पुलिस निरीक्षक निलिमा आरज, आफिज नाजिम, मुफ्ति फिरोज खान, हाजी रम्मू सेठ, मिर्जा नईम बेग, संजय तिरथकर, डॉ. नवेद पटेल, महेंद्र भुतडा उपस्थित थे.
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त विक्रम साली ने कहा कि, साल 2002 से कुश्ती के बहाने मेरा अमरावती शहर से संबंध रहा है. यहां की संस्कृति, सभ्यता, अपनापन, एकता और भाईचारे को देखकर मुझे शहर पर गर्व होता है. लेकिन कुछ दिनों पूर्व शहर में जो घटना हुई उसे देखकर मेरा मन विचलित हुआ है. अमरावती शहर से मेरा बरसो पुराना नाता है. उस शहर में कार्य करते समय नजर आए हालात को स्थिर करने जिस प्रकार हव्याप्र मंडल हेल्पलाइन, पुलिस प्रशासन तथा जनता ने जो सहयोग दिया उसे देखकर फिर मेरा सर गर्व से ऊंचा हुआ है.
पुलिस उपायुक्त विक्रम साली ने आगे कहा कि, अभी कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे है. उन लोगों पर पुलिस प्रशासन की कडी नजर है ऐसे लोगों पर लगाम कसने जनता को भी स्वयं स्फूर्ति से आगे आना चाहिए ऐसा अनुरोध भी उन्होंने किया. एसीपी भरत गायकवाड ने कहा कि गुलशन टॉवर यह धार्मिक एकता की मिसाल है. किसी भी शहर में अमन व शांति बनाए रखने के लिए इच्छा शक्ति का होना जरुरी है जो अंबा नगरीवासियों में इस घटना के बाद दिखाई दे रहा है.
एसीपी भरत गायकवाड ने आगे कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरीए शहर की शांति को भंग करना चाहते है. ऐसे 20 लोगों पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई भी की है. आनेवाले समय में सर्तक रहे अपने आस-पास होने वाली घटनाओं पर निगाह रखे ऐसा आहवान एसीपी भरत गायकवाड ने इस समय किया. मुफ्ति फिरोज ने कहा कि अमरावती शहर इंसान को इंसानियत के साथ प्यार महोब्बत का संदेश देने वाला शहर है यहां इंसानियत कुछ समय के लिए सो जाती है किंतु खत्म नहीं होती.
हिंसाचार की घटना से लोगों के दिलों में छीपी इंसानियत फिर से जागी है. प्रभारकराव वैद्य व उनकी हेल्पलाइन की टीम ने जिस प्रकार से शहर से बुरे विचारों का खात्मा किया है वह आनेवाले समय में एक मिसाल होगी. खाकी वर्दी में भी कोरोना योद्धा बनकर अपनी जान की परवाह न कर अपना फर्ज निभाया है. ऐसे खाकी वर्दी के पोशिंदों को हम सलाम करते है. अगर हम खुद को संभाल नहीं सके तो शहर को नहीं संभाल सकते हमें इस बात को समझना चाहिए.
गुलशन टॉवर में व्यापारियों व्दारा आयोजित संदेश अमन शांति कार्यक्रम की प्रस्तावना व्यापारी संगठन के अध्यक्ष एड. जगदीश शर्मा ने रखी तथा संचालन सुनील चिमोटे ने किया व आभार श्याम राठी ने माना. इस समय नितिन सोमाणी, मुश्ताक भाई, प्रवीण इसरानी, मनोज वाधवानी, सुनीता राठी, नंदू शिरभाते, निखिल बाहेती, संजय डागा, मौलवी मुश्ताक, हाजी अजीज बेग, मौलवी सुलेमान मंसुरी, इरफान अथर अली, सलीम मीरावाले, अशरफ पठान, फसनोद्दीन, हाजी मुश्ताक बिल्डर, सै. जलाल, महमूद हुसैन, एड. जहीर भाई, अमीत वाधवानी, हुकूमचंद कासट, पवन झांबानी, गोपाल बागडी, सतीश तिवारी, रोशन भाकरे, शैलेश चौरसिया, नसिम उर्फ पप्पू खान, छोटू सौदागर, बब्बूभाई सब्जीवाले, नजीर खान बीके, सागर कासट, जलील खान, राज माहोरे, अरुण बंड, सै. अनवर ताज सहित बडी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

उल्लेखनीय कार्य करने पर तीन नागरिकों का सत्कार

हिंसाचार के समय तथा कोरोना काल में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शहर के तीन नागरिकों का इस अवसर पर सत्कार किया गया. जिसमें रक्तदान समिति के अध्यक्ष महेंद्र भुतडा के साथ 50 हिंदू लोगों की दो दिन तक सुरक्षा करने वाले डॉ. नवेद पटेल तथा हिंसाचार की घटना के दौरान अपने कांधे पर घायल युवक को ले जाते प्रेस फोटोग्राफर सईद खान का शाल व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सत्कार किया गया.

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