हाईवे हिप्नोसिस पड सकता है जान पर भारी

अमरावती/दि.14 – किसी सीधे व सपाट रास्ते पर काफी लंबे समय तक गाडी चलाते समय वाहन चालक के साथ ही वाहन में सवार यात्रियों में एक विशेष तरह की मोनोटोनी आ जाती है. जिससे ध्यान विचलित हो जाता है. इसे हाईवे हिप्नोसिस कहा जाता है. रास्ते पर विशेष कर एक्सप्रेस वे व हाईवे पर लगातार गाडी चलाते समय साधारणत: ढाई घंटे की ड्राइविंग के बाद हाईवे हिप्नोसिस हो सकता है.
* क्या है हाईवे हिप्नोसिस?
हिप्नोसिस शब्द का मूल अर्थ होता है सम्मोहन, ऐसे में हाईवे हिप्नोसिस एक ऐसी शारीरिक स्थिति है, जिसकी कल्पना अधिकांश वाहन चालकों को बिल्कूल भी नहीं होती. इस स्थिति में पहुंचने के बाद वाहन चालक की आंखें तो खुली रहती है, लेकिन उसका मस्तिष्क क्रियाशील नहीं होता. कई बार इसी स्थिति की वजह से सडक हादसे घटित होते है.
* बिना रुके यात्रा से बचें
– वाहन चालक ने प्रत्येक डेढ से दो घंटे में अपना वाहन रुकाना चाहिए
– यात्रा के दौरान वाहन रुकाकर चाय-कॉफी का सेवन करना चाहिए, ताकि ड्राइविंग की वजह से आयी सुस्ती खत्म हो.
– यदि आप हाईवे पर वाहन चला रहे है और आपकी आंखों के सामने एक जैसे दृश्य आ रहे है, तो तुरंत समझ जाना चाहिए कि, आपको हाईवे हिप्नोसिस हो गया है.
* कुछ देर रुकें, फिर आगे चलें
ड्राइवर के पास बैठे व्यक्ति ने अपने सीट पर सोने की बजाय ड्राइवर के साथ बातचीत करनी चाहिए. साथ ही ड्राइविंग करते समय बढिया गीत-संगीत भी लगाना चाहिए. इसके अलावा ड्राइविंग करने के दौरान सर्दी-खांसी की दवाईयां लेने से बचना चाहिए.
– भावना पुरोहित,
मानसोपचार विशेषज्ञ.