अमरावती

हिंदूओं संगठित हो जाओ, चुनाव में अपना प्रभाव दिखाओ

बडनेरा में कालीचरण महाराज की जंगी की हुंकार सभा

* शिव तांडव स्त्रोत गाकर किया हजारों को मुग्ध
* थोडे सावधान नजर आए चर्चित महाराज
प्रतिनिधि/ दि. 28– काली पुत्र कालीचरण महाराज ने हिंदूओं से आगामी चुनाव में एकजुट होकर वोट डालने की अपील नांदगांवपेठ की शौर्य सभा के बाद अब बडनेरा की हुंकार सभा में दोहराई. उन्होंने यहां भी सभी की जाति के बंधन तोडकर संगठित होने और जहां अवसर मिले अपनी संगठन शक्ति का भरपूर प्रदर्शन करने की भी अपील की. गत रात बडनेरा के साप्ताहिक बाजार के प्रांगण मेें आयोजित सभा में हालांकि महाराज थोडे सतर्क नजर आए. अपने शब्दों को तोलमोल कर व्यक्त किया. संबोधन के आरंभ में जनता की डिमांड पर उन्होंने शिव तांडव स्त्रोत गाकर सुनाया. जिससे हर कोई मुग्ध हो गया. उसी प्रकार महाराज के सुर में सुर मिलाकर कई बार ओम काली और जयकारे उपस्थित हजारों की भीड ने लगाए.
मंच पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी, हिंदू सूर्य प्रतिष्ठान प्रदीप सोलंके, बजरंग दल प्रांत सुरक्षा प्रमुख संतोष उर्फ बाबू भैया गहरवार, बंटी पारवानी और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे. सभा में बडी संख्या में युवतियां और महिलाएं भी मौजूद रही. कालीचरण महाराज ने विस्तृत निवेदन में नांदगांव पेठ की सभा में बोली गई अधिकांश बातें दोहराई.
महाराज ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज यदि देश और धर्म के लिए दुष्टों का संहार नहीं करते तो क्या हम आज उनकी पूजा करते? उन्होंने कहा कि 2378 जातियां जान बूझकर हिंदुओं को बांटने के लिए बना दी गई है. कुछ दल जान बूझकर जातियों का उल्लेख करते हैं. इस जाति और पात के बंधन को तोडने की घडी आ गई है. यदि अब नहीं संभले तो आनेवाले 10 वर्षो में देश में नजारा कुछ और होगा. महाराज ने उपस्थितों से सीधा सहज संवाद की शैली में संबोधन किया. लोगों को दो घंटे तक टस से मस नहीं होने दिया. इस अंदाज में विषय रखा कि कई बार तालिया बजी और जयकारे लगे.
कालीचरण महाराज ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर बनाने का कार्य राजा कर रहे हैं. राजा के बगैर यह संभव नहीं. इसलिए आगे भी हिन्दू हित में काम करनेवाले राजा अर्थात विधायक तथा सांसद चुनकर देने का दायित्व हमारा हैं. महाराज ने यह कहते हुए देशभर के सांसद और विधायकों की कुल संख्या 4845 होने की जानकारी दी और लोगों से आवाहन किया कि वे अपने क्षेत्र में पार्षद से लेकर सांसद तक अपनी पसंद का और पूर्ण एक जुटता से चुने जो हिन्दुओं के हित में कार्य कर सके, उचित निर्णय ले सकें. सभा में अमरावती से भी सैकडों लोग कालीचरण महाराज को सुनने पहुंचे थे. प्रस्तावना में शिवराय कुलकर्णी ने राकांपा नेता अमोल मिटकरी के महाराज को लेकर दिए गये भद्दे बयान का जिक्र किया. किंतु महाराज ने अपने प्रदीर्घ वक्तव्य में एक बार भी मिटकरी का नाम नहीं लिया. कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

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