विदर्भ में अध्यात्म और समरसता का ऐतिहासिक आयोजन
जगद्गुरु श्री रामराजेश्वराचार्य जी का जन्मोत्सव एवं माता रुक्मिणी महोत्सव

* धर्म और संस्कृति का महापर्व
* मां वैशिष्ठापूजन एवं गंगा महाआरती कल
अमरावती/दि.10-पूजनीय जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामराजेश्वराचार्य जी का जन्मोत्सव एवं विदर्भकन्या माताश्री रुक्मिणी महोत्सव का आयोजन इस वर्ष विदर्भ क्षेत्र में दिव्य और भव्य रूप में मनाया जा रहा है. यह आयोजन सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं का उत्सव होने के साथ-साथ समाज में समरसता और सद्भावना का संदेश भी प्रसारित करेगा. मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत 11 दिसंबर को होगी. शाम 7 बजे मां वैशिष्ठापूजन एवं गंगा महाआरती का आयोजन किया है. श्रद्धालु इस अवसर पर आध्यात्मिकता और भक्ति का दिव्य अनुभव करेंगे. इसके पश्चात रात 9.30 बजे भक्ति संगीत कार्यक्रम में जितु पाखरे अपनी सुमधुर वाणी में भजन की प्रस्तुती देंगे. गुरुवार 12 दिसंबर को सुबह 8 बजे माताश्री रुक्मिणी देवी रथयात्रा का आयोजन किया है. विदर्भ के कई प्रसिद्ध दिन्डी पथक इस पवित्र रथयात्रा में शामिल होंगे. दोपहर 12 बजे पूजनीय जगद्गुरु स्वामी जी का व्यासपीठपर भव्य आगमन एवं पाद्यपूजन तथा अम्रुतवाणी में प्रबोधन होगा. कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध काले के कीर्तन द्वारा किया जाएगा. श्री रुक्मिणी पीठ प्रांगण में सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है.
कार्यक्रम आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस अद्वितीय आयोजन में सहभागी होकर पूजनीय जगद्गुरु स्वामी जी के दर्शन एवं विचार प्रबोधन का लाभ उठाएं और महाप्रसाद ग्रहण करें. आध्यात्मिकता, समरसता और भक्ति के इस अनोखे संगम में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है.
* धर्म और सामाजिक परिवर्तन के प्रति योगदान
पूजनीय जगद्गुरु स्वामी श्री रामराजेश्वराचार्य जी ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और सामाजिक जागरूकता के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं. राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को दिशा प्रदान की. जाति तोड़ो, समाज जोड़ो अभियान के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश दिया. रामानंदाचार्य स्नेहयात्रा के माध्यम से जात-पात को समाप्त कर भाईचारे और प्रेम का संदेश प्रसारित किया. वनवासी क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेल जागरूकता अभियान चलाया. सनातन बोर्ड की स्थापना का प्रस्ताव और अखंड भारत के राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा के लिए प्रयास किए.