शौक बडी चीज है, मनपसंद नंबर के लिए गिन डाले डेढ करोड रुपए
अमरावतीवासियों ने पसंदीदा वाहन क्रमांक की स्पर्धा, वीआईपी नंबर किये जा रहे खासे पसंद

अमरावती/दि.16– इन दिनों लगभग सभी लोगों के घर पर वाहन रहना बेहद सामान्य बात हो गई है. साथ ही घर में कार रहना आज भी प्रतिष्ठावाली बात मानी जाती है. इसमें भी यदि वाहन के लिए कोई पसंदीदा अथवा विशिष्ट नंबर भी मिल जाये, तो सोने पे सुहागावाली बात हो जाती है. ऐसे में कुछ विशिष्ट वाहन क्रमांक प्राप्त करने हेतु वाहन धारकों द्वारा आरटीओ के पास मूंह मागी रकम अदा करने की तैयारी भी रखी जाती है. यही वजह है कि, वर्ष 2022-23 में जम्पिंग क्रमांक के जरिए आरटीओ कार्यालय को 1 करोड 53 लाख 25 हजार 500 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ और इस रकम को सरकारी तिजोरी में जमा करा दिया गया. वहीं वर्ष 2023 में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर तक 9 माह की कालावधि के दौरान भी आरटीओ कार्यालय में 95 लाख रुपए भरकर फैन्सी व वीआईपी वाहन क्रमांक लिये गये है तथा इसके लिए वाहन चालकों द्वारा अच्छी खासी रकम खर्च की गई है. जिसके तहत 0001 व 0002 क्रमांक के लिए बडे वाहनों हेतु 5 लाख रुपए तथा दुपहिया व तिपहिया वाहनों के लिए 1 लाख रुपए का शुल्क वसूला गया. इसी तरह फैन्सी नंबर की दरें भी बढाई गई. इसके बावजूद भी ‘दादा’, ‘पापा’ व ‘भाउ’ जैसी फैन्सी नंबरप्लेट रखने के इच्छूक अपने पसंदीदा नंबर हासिल करने हेतु मूंह मांगी रकम अदा करने को तैयार दिखे.
* 0001 के लिए सर्वाधिक 3 लाख व दाम
अमरावती जिले में 0001 क्रमांक प्राप्त करने हेतु बडे वाहनों के लिए 3 लाख रुपए, दुपहिया वाहनों के लिए 1 लाख रुपए व तिपहिया वाहनों के लिए 50 हजार रुपए वसूल करने का निर्णय लिया गया था. विशेष उल्लेखनीय है कि, इस विशेष नंबर के लिए पहले 7 हजार 500 रुपए का एडवान्स जमा करना पडता था. जिसमें अब सवा गुना वृद्धि कर दी गई है और अब 10 से 15 हजार रुपए का अग्रिम भुगतान करना होता है.
* फैन्सी नंबर के दामों में 3 गुना वृद्धि
पहले की तुलना में सरकार द्वारा फैन्सी नंबर हेतु लिये जाने वाले शुल्क में 3 गुना वृद्धि कर दी गई है. जिसके चलते अब फैन्सी नंबरों के लिए कोई खास जिज्ञासा नहीं दिखती. करीब 9 वर्ष के अंतराल पश्चात फैन्सी नंबरों के लिए लगने वाले शुल्क की रकम में सरकार द्वारा वृद्धि की गई है. इसके बावजूद भी कुद बेहद शौकीन लोग फैन्सी नंबर हासिल करने के लिए यह शुल्क अदा करने हेतु तैयार रहते है. गत वर्ष की तुलना में राजस्व बढा. स्थानीय प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में पसंदीदा वाहन क्रमांक प्राप्त करने के इच्छूक वाहन चालकों को स्क्रीन पर उपलब्ध रहने वाले क्रमांक दिखाये जाते है. जिसमें से उपलब्ध क्रमांक बुक करने हेतु आवश्यक शुल्क भरकर उस नंबर को आरक्षित कर दिया जाता है. वाहनों के ऐसे चाइस क्रमांकों के जरिए इस बार आरटीओ कार्यालय को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त हुआ है.
* फैन्सी नंबर की कीमतों में वृद्धि होने के बावजूद भी उनकी मांग लगातार बढ रही है. चारपहिया व दुपहिया वाहन मालिकों का चॉईस क्रमांक की ओर रुझान अधिक है. सरकार द्वारा निश्चित किये गये. फैन्सी नंबर के लिए भी शुल्क बढा दिया गया है. परंतु चॉईस नंबर के साथ ही फैन्सी नंबर लेने वालों की भी संख्या अच्छी खासी है.
– सिद्धार्थ ठोके,
सहायक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी,
अमरावती.
* कैसे मिलता है पसंदीदा वाहन क्रमांक
अपने वाहन के लिए अपने पसंदीदा क्रमांक हासिल करने के लिए प्रादेशिक परिवहन कार्यालय जाकर आवश्यक शुल्क अदा करना होता है, कैश काउंटर पर रकम अदा करने के बाद संबंधित व्यक्ति को उसकी रसीद मिल जाती है तथा जब वाहन को पासिंग के लिए आरटीओ कार्यालय लाया जाता है, तो उसे वहीं विशिष्ट क्रमांक दिया जाता है.
* इन नंबरों के सर्वाधिक दाम
क्रमांक रुपए
0001 3 लाख
0009 1.50 लाख
0099 1.50 लाख
0999 1.50 लाख
9999 1.50 लाख
0786 1.50 लाख
0111 70 हजार
0222 70 हजार
0333 70 हजार
0004 70 हजार