निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मान – प्रभाकरराव वैद्य
शंकरबाबा के पद्मश्री से हव्याप्र मंडल में खुशी

अमरावती /दि.31– अचलपुर तालुका के वझ्झर फाटा के सेवाव्रती शंकरबाबा पापलकर को गणतंत्र दिवस पर पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. शंकरबाबा पापलकर ने खुशी जताते हुए पुरस्कार स्वीकार किया है. श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल से शंकरबाबा का रिश्ता पुराना है और बाबा को मिला पद्मश्री सम्मान जिले के लोगों के लिए गौरव का विषय बन गया है. मंडल के प्रमुख सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य, उपाध्यक्ष डॉ. श्रीकांत चेंडके, सचिव प्रो. डॉ. माधुरीताई चेंडके, कार्यकारी अध्यक्ष एड. प्रशांत देशपांडे, सचिव प्रो. रवीन्द्र खांडेकर ने शंकरबाबा पापलकर को बधाई दी.
जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता शंकरबाबा पापलकर ने वज्जर में अनाथों के नाम पर राज्यभर के अनाथ बच्चों को आश्रय दिया है. अनाथों के नाथ कहे जाने वाले शंकरबाबा पापलकर ने अब तक कई बड़े पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया था. गणतंत्र दिवस पर शंकरबाबा को दिया गया पद्मश्री का सम्मान उनके कार्यों का सम्मान और समाज के लिए प्रेरणा है. शंकरबाबा और श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल रिश्ता सेवा कार्य से जुड़ा है. पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य और मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य और शंकरबाबा की दोस्ती सेवा कार्यों की ताकत बनी. शंकरबाबा को मिला पद्मश्री सम्मान समाज कि उपलब्धि का सम्मान है, जिसके लिए श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल, सभी पदाधिकारियों, प्रोफेसरों, प्रशिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों द्वारा बधाई दी जा रही है.
निःस्वार्थ सेवा का सम्मान
दिव्यांग लड़के-लड़कियों की देखभाल करना और उन्हें सशक्त बनाना कोई आसान काम नहीं है. समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले शंकरबाबा पापलकर को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया. शंकरबाबा पापड़कर की श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल से निकटता और सेवा कार्यों ने सदैव उनके सेवा कार्यों को पुरजोर समर्थन दिया है. श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल के प्रधान सचिव पद्मश्री प्रभाकरराव वैद्य ने शंकरबाबा को मिले पुरस्कार पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की है और उनका मानना है कि, उनकी सेवा उन्हें समाज में प्रेरित करेंगी.