अगले एक वर्ष में डेढ गुना महंगे हो जायेंगे घर
18 लाख में मिलनेवाले घर की कीमत अगले साल होगी 27 लाख रूपये

* रूस-यूक्रेन युध्द रूकने के बाद भी जारी रहेगी दरवृध्दि
* प्राकृतिक दरवृध्दि का दौर आगे भी रहेगा जारी
अमरावती/दि.29– विगत एक माह के दौरान लोहा, स्टील व सिमेंट सहित अन्य निर्माण साहित्यों के दाम करीब 30 प्रतिशत बढ गये है. यदि विगत एक वर्ष का विचार किया जाये, तो यह पूरी दरवृध्दि 50 प्रतिशत के आसपास जा पहुंची है. जिसके चलते फिलहाल नीव खोदने का काम जारी रहनेवाले गृह प्रकल्पों में बनने जा रहे घरों की कीमत अगले वर्ष तक डेढ गुना अधिक बढ जायेगी. उदाहरण के तौर पर इस समय 18 लाख रूपये में रेडी पझेशन रहनेवाले घरों की कीमत अगले वर्ष 27 लाख रूपये हो सकती है. ऐसे में गत वर्ष ग्राहकों से बुकींग के तौर पर अग्रिम भुगतान लेकर काम शुरू करनेवाले गृह प्रकल्प इस समय दरवृध्दि की समस्या से जूझ रहे है और ऐसे बिल्डरों के लिए अब उसी कीमत में घरों का काम पूर्ण करके देना किसी चुनौती से कम नहीं है.
वार्षिक औसत के मुताबिक प्रतिवर्ष निर्माण साहित्य की दरों में 10 से 12 फीसद तक वृध्दि होती है. किंतु कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के शिथिल होने के बाद भवन निर्माण क्षेत्र में अब तक नैसर्गिक रूप से करीब 50 फीसद की वृध्दि हो गई है. जिसका सीधा परिणाम घरों की कीमतों पर पडता दिखाई दे रहा है और अब पहले की तुलना में घरों का निर्माण करना काफी अधिक महंगा हो गया है.
* राज्य में इस समय 24,675 गृह प्रकल्पों का चल रहा काम
भवन निर्माण व्यवसायियों के सबसे बडे संगठन क्रेडाई के मुताबिक 8 व इससे अधिक फ्लैटस्वाले प्रकल्पोें का महारेरा में पंजीयन करना बेहद जरूरी व अनिवार्य है. राज्य में ऐसे 24 हजार 675 पंजीकृत गृह प्रकल्पों का काम इस समय शुरू है. वहीं अपंजीकृत प्रकल्पों की संख्या 40 हजार के आसपास भी हो सकती है. यह आंकडे केवल 6 अथवा इससे अधिक फ्लैट रहनेवाले प्रकल्पों की है. इसके अलावा स्वतंत्र बंगलो व रो-हाउसेस को इसमें ग्राह्य नहीं माना गया है.
* निर्माण साहित्य की दरें
साहित्य वर्ष 2021 वर्ष 2022
सिमेंट (बोरी) 230-250 350-400
स्टिल (किलो) 40-45 85-90
रेती (ब्रास) 5000 8000
गिट्टी (ब्रास) 2300 3200
ईट (प्रति हजार) 8000 14000
एल्युमिनियम (मीटर) 180 320
कांच (स्क्वे. फुट) 30-40 65-70
इलेक्ट्रीक साहित्य 40 फीसद दरवृध्दि
पीवीसी/प्लंबिंग 40 फीसद दरवृध्दि
वॉल पुट्टी/कलर 40 फीसद दरवृध्दि
* 600 चौरस फुट प्लॉट की कीमत ऐसे बढेगी
एक उदाहरण के तौर पर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके 600 चौरस फीट क्षेत्रफल वाले फ्लैट की कीमत यदि आज 18 लाख रूपये के आसपास है, तो उसी जगह पर किसी नये गृह प्रकल्प का काम शुरू करते हुए यदि अगले वर्ष काम पूर्ण होकर पजेशन देना है, तो उस फ्लैट की कीमत 27 लाख रूपये हो सकती है.
*लोहे के दाम एक माह में 65 से 90 रूपये पर पहुंचे
इस समय रूस व युक्रेन के बीच जारी युध्द का परिणाम लोहे व एल्युमिनियम के दामों पर सबसे अधिक पडा है. 21 फरवरी को स्टिल के दाम 65 रूपये प्रति किलो रूपये के स्तर पर थे, जो अब बढकर 900 रूपये प्रति किलो की दर पर जा पहुंचे है.
– 1200 रूपये स्क्वे. फीट की दर से वर्ष 2021 में मजदूरी व निर्माण साहित्य मिलाकर भवन निर्माण का कार्य हुआ करता था.
– 1700 रूपये प्रति स्क्वे. फीट की दरें मौजूदा स्थिति में भवन निर्माण के लिए अदा करनी पड रही है.
* बिल्डर हैं संभ्रम में
कई लोगों को लग रहा है कि, रूस व युक्रेन के बीच युध्द रूकने के बाद निर्माण साहित्य की दरें पहले की तरह हो जायेगी. वहीं कईयोें को यह लग रहा है कि, युध्द रूकने के बाद मौजूदा दरें ही स्थिर रहेगी. लेकिन हकीकत यह है कि, कुछ दिनों बाद प्राकृतिक दरवृध्दि शुरू होगी. ऐसे में अपने प्रकल्पोें का काम शुरू रखा जाये या रोक दिया जाये. इसे लेकर सभी भवन निर्माण व्यवसायी काफी हद तक संभ्रम का शिकार है. इस समय पेट्रोलियम दरवृध्दि का दौर चल रहा है. जिससे बहुत जल्द सभी साजो-सामान की दरें बढेगी. जिनमें निर्माण साहित्य का भी समावेश रहेगा. ऐसे में भवन निर्माण क्षेत्र की लागत बढ जायेगी और अगले वर्ष तक घरों की कीमतों में 30 से 40 फीसद की वृध्दि होगी.
– प्रमोद राठोड
संचालक, विवांता ग्रुप