
* सरकारी नीति को लेकर सांसद को भी घेरा
अमरावती / दि.27– रंगोत्सव के अवसर को साधकर प्रहार विधायक बच्चू कडू ने अपने ही घर की दीवार पर अपनी मांगों को लिखा और मीड़िया के जरिए केंद्र सरकार और मौजूदा सांसद को घेरने का प्रयास किया. उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि मजदूरों की मजदूरी बढ़ाना तो दूर उन्हें तीन-तीन महीने से मजदूरी ही जब नहीं मिली है तो वे होली के त्योहार पर पूरणपोली कैसे खा सकेंगे. विदित हो कि बच्चू महायूति के घटक दलों में से एक है और बीते कुछ समय से वे भाजपा से नाराज चल रहे हैं. यदा-कदा वे अपनी नाराजगी जाहिर भी करते रहे हैं लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव के मौके पर उन्होंने पूरी तरह से मोर्चा खोल रखा है. किसानों के समक्ष आत्महत्या की नौबत आ गई है इसलिए हम इस सरकार का विरोध कर रहे है.
बच्चू कडू ने कहा कि चुनाव सिर पर हैं और सरकार किसानों, मजदूरों, बेरोजगारी और काम के मुद्दों को छो़ड़ कर लोगों को धर्म और जाति में उलझा रही है. यदि सरकार हमारी मांगो पर गौर नहीं करती है तो हम उनके समर्थन में ख़ड़े नहीं रह सकते है. विधायक कडू ने कहा कि कांग्रेस ने स्वामीनाथन आयोग की कुछ सिफारिशों को लागू करने की सोची थी लेकिन भाजपा ने तो उसकी तरफ देखा तक नहीं. सरकार ने किसान उपज के उत्पादन में होनेवाले खर्च को कम करने के लिए अभी तक कुछ नहीं किया है. संतरा और कपास उत्पादन में हुए नुकसान के कारण किसानों के समक्ष मरने की स्थिति है. विधायक बच्चू कडू ने कहा कि सरकार ने मजदूरों विशेषकर खेत मजदूरों और प्रकल्पग्रस्तों के लिए कुछ नहीं किया है. उन्होंने कहा कि खेत मजदूरों और प्रकल्पग्रस्तों के लिए वित्तीय महामं़ड़ल बनना चाहिए ताकि उनकी सुनवाई और उनके बारे में सोचा जा सके. कडू ने कहा कि दिव्यांगों को प्रतिमाह 3000 रूपए का भत्ता दिया जाना चाहिए. 5 प्रतिशत राशी केंद्र और राज्य को खर्च करना चाहिए, ताकि अपंगो को लाभ पहुंच सके.
वर्तमान सांसद को भी घेरा
विधायक बच्चू ने कहा कि हमारे सांसद खेत मजदूरों के पास होली का त्योहार मनाने के लिए जा रहे हैं लेकिन उन्ही खेत मजदूरों को विगत तीन माह से पैसे नहीं मिले हैं. ऐसे में ये मजदूर होली के त्योहार में रंग कैसे खेलेंगे और पूरण पोली कहां से खाएंगे. आपका पेट भरा हुआ और मजदूर का पेट खाली है. मजदूरी ब़ढ़ाने की बात तो दूर रही उनहें पैसे ही नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सांसद-विधायक का वेतन 5 तारीख का हो जाता है लिकिन इन मजदूरों, अपंगों बंधुओं और विधवा बहनों को तीन-तीन महीनों पैसे नहीं मिल रहे हैं. इसका इस चुनाव में विरोध किया जाना चाहिए.
शकुंतला दौ़ड़ नहीं रही, हवाई अड्डा बना नहीं
प्रहार विधायक ने कहा कि फिनले मिलं बंद हो चुकी है और हजारों लोग बेरोजगार हो चुके हैं. किसानों-मजदूरों के लिए वरदान शकुंतला ट्रेन दौ़ड़ नहीं रही है और अमरावती का हवाई अड्डा बना नहीं. सांसद ने शकुंतला को वापस चलाने के लिए अभी तक कुछ नहीं किया है. साथ ही अमरावती का हवाई अड्डा बना नहीं है और सांसद मौन हैं.