यूनिक फॉर्मर आईडी नहीं रहने पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं
शासनादेश जारी, पंजीयन क्रमांक जरुरी, अब भी 47 फीसद किसान बाकी

अमरावती/दि.16– सरकार द्वारा प्रत्येक किसान को एग्रीस्टेक योजना के जरिए 12 अंको वाला यूनिक फॉर्मर आईडी देने का निर्णय लिया गया है. इसके जरिए किसानों को डिजीटल पहचान मिलेगी. साथ ही यह पंजीयन क्रमांक रहने पर ही किसानों को 15 अप्रैल से कृषि विभाग की विविध सरकारी योजनाओं का भी लाभ मिलेगा, ऐसा शासनादेश दो दिन पहले हीी जारी हुआ है.
बता दें कि, अमरावती जिले में 5 लाख 18 हजार 407 खाताधारक किसान है. जिसमें से 2 लाख 74 हजार 543 खाताधारकों ने इस योजना के तहत पंजीयन व आवेदन किया है. जो कुल खाताधारकों की तुलना में 52.96 फीसद है. वहीं 2,74,543 यानी करीब 47 फीसद खाताधारकों ने अपना पंजीयन नहीं कराया है. जिसके चलते अब उन्हें कृषि विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, ऐसा कृषि विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है. ज्ञात रहे कि, केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि व राज्य सरकार की नमो किसान महासम्मान निधि योजना के जरिए किसानों को सालभर के दौरान 6-6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. लेकिन अब 12 अंको वाला यूनिक फॉर्मर आईडी नहीं रहने पर किसानों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की संभावना है. इसे लेकर सरकारी स्तर पर निर्णय होने की जानकारी सामने आ रही है. इसके साथ ही ऐसे किसानों को फसल बीमा योजना, फसल कर्ज योजना व सरकार द्वारा प्राकृतिक आपदा के समय दी जानेवाली सहायता योजना का लाभ नहीं मिलने की पूरी संभावना है.
* क्या है योजना?
एग्रीस्टेक यह डिजीटल पहचान प्रणाली है. जिसके जरिए किसानों को 12 अंक वाला यूनिक फॉर्मर आईडी दिया जाता है. साथ ही किसानों को समय-समय पर जानकारी व सरकारी योजनाओं का लाभ भी इसी आईडी के आधार पर दिए जाने का नियोजन किया जा रहा है.
* 2.43 लाख किसानों का पंजीयन बाकी
इस योजना के तहत अब तक अमरावती जिले के 2 लाख 74 हजार 543 खाताधारक किसानों ने अपना पंजीयन कराया है. वहीं अब भी 2 लाख 43 हजार 864 किसानों ने 12 अंक वाला यूनिट फॉर्मर आईडी हासिल नहीं किया है.
* कभी मिलेगा योजनाओं का लाभ
इस योजना के तहत किसानों द्वारा पंजीयन करते हुए फॉर्मर आईडी हासिल करने पर ही उन्हें कृषि विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा अन्यथा उन्हें ऐसे लाभ से वंचित रहना पडेगा.
* कृषि विभाग की योजनाओं के लिए अब 12 अंक वाला यूनिक फॉर्मर आईडी अनिवार्य कर दिया गया है. जिसके चलते किसानों ने इस योजना के तहत अपने नाम का पंजीयन करते हुए पंजीयन क्रमांक हासिल करना चाहिए, ताकि उन्हें कृषि विभाग की सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहे.
– राहुल सातपुते
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी
* पंजीयन करानेवाले किसानों की तहसीलनिहाय संख्या
तहसील पंजीकृत किसान
अचलपुर 22,900
अमरावती 16,426
अंजनगांव 21,350
भातकुली 17,956
चांदुर रेलवे 14,499
चांदुर बाजार 23,820
चिखलदरा 7,626
दर्यापुर 24,448
धामणगांव 19,311
धारणी 16,738
मोर्शी 25,665
नांदगांव खंडे. 22,808
तिवसा 16,097
वरुड 24,810
कुल 2,74,543