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इस्तीफा ही देना है, तो सांसद नवनीत व विधायक रवि राणा दें

युवक कांग्रेस ने पुतले पर चल रही राजनीति का उडाया मजाक

अमरावती/दि.18– यदि युवा स्वाभिमान पार्टी संस्थापक अध्यक्ष व विधायक रवि राणा तथा उनकी पत्नी व जिले की सांसद नवनीत राणा को छत्रपति शिवाजी महाराज के मान-सम्मान की वाकई फिक्र है, तो उन्हेें चाहिए कि, वे अपने सांसद व विधायक पद से इस्तीफा दें तथा दुबारा जनता के बीच जाकर चुनाव लडकर दिखाये. इस आशय का चुनौतीभरा प्रतिपादन युवक कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा किया गया है. साथ ही राणा दम्पत्ति द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति दिखाये जा रहे प्यार को नौटंकी बताते हुए कहा गया कि, राणा दम्पत्ति ने अपने तीनों पार्षदों का इस्तीफा दिलवाकर एक और नई नौटंकी की है.
बता देें कि, गत रोज युवा स्वाभिमान पार्टी के तीन पार्षदों ने यह कहते हुए अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया. विगत तीन वर्षों से युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा राजापेठ रेलवे ओवर ब्रिज पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की जा रही है. जिसकी मनपा द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है. साथ ही विगत 12 जनवरी को जब युवा स्वाभिमान पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष व विधायक रवि राणा के नेतृत्व में इस स्थान पर छत्रपति शिवाजी महाराज का पुतला स्थापित कर दिया गया, तो मनपा प्रशासन ने जिला पालकमंत्री के दबाव में आकर इस पुतले को वहां से हटा दिया. जिसकी वजह से छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान हुआ है. अत: महाराष्ट्र के आराध्य दैवत का अपमान करनेवाली महानगरपालिका में वे नहीं रहना चाहते. इसी विषय को लेकर युवक कांग्रेस ने उपरोक्त प्रतिक्रिया दी है.
इस संदर्भ में यहां जारी प्रेस विज्ञप्ती में युवक कांग्रेस द्वारा कहा गया कि, विधायक रवि राणा व जिले की सांसद नवनीत राणा द्वारा हमेशा ही बेतुक बयान देकर शहर सहित जिले में माहौल खराब करने का प्रयास किया जाता है. अपनी इसी आदत के तहत उन्होंने इस बार छत्रपति शिवाजी महाराज की आड ली, ताकि अपनी राजनीति को चमकाया जा सके. जिसका कदापि समर्थन नहीं किया जा सकता, क्योंकि एक तरह से राणा दम्पत्ति ने अपने फायदे के लिए महाराष्ट्र के आराध्य दैवत छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया है.

 

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