
* मुख्याधिकारी तथा प्रशासक हफ्ते में एक बार चिखलदरा में
चिखलदरा/दि. 12- एक और नपा प्रशासक पानझडे ने नपा के नाके के प्रवेश केरेट बढाए. जिससे नपा की आय बढा सके. मगर आनेवाले सैलानियों को सुविधा के नाम पर कुछ भी सुविधा नहीं मिल पा रही है. ऐसे में मुख्याधिकारी ही प्रशासक बने पानझडे हफ्ते में एक बार चिखलदरा आने के कारण नपा कर्मचारी तथा ठेकेदार पर किसी का नियंत्रण नहीं रहने के कारण यहा असुविधाओं का सामना करना पड रहा है. जिसका उदाहरण चिखलदरा के मुख्य रास्ते सहित सभी रोड की स्ट्रीट लाइट बंद पडे हुए है. जिस कारण यहां आनेवाले हजारों पर्यटकों को वन्य जानवरों का डर सता रहा है. क्योंकि भालू के दर्शन चिखलदरा में रोज हो रहे है. दो दिन पहले ही भालू ने एक व्यक्ति पर शहर के नजदीक ही हमला कर दिया था. घना कोहरे के कारण रास्ते पर कुछ भी दिखाई नहीं देता. बारिश में निकलनेवाले सांप बिच्छु केे कारण बडी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता और यहां स्वच्छता का भी अभाव दिखाई दे रहा है. लाईन तथा स्वच्छता का काम ठेकेदार को दिया गया. जिस पर किसी का ध्यान न होने से ठेकेदार मनमानी कर रहा है. साथ ही किसी पाईंट पर बैठने के लिए बेंच, पानी तथा महिला शौचालय नहीं रहने के चलते भी सैलानियों को खासकर दिक्कत होरही हे. जिस पर नपा को खासकर ध्यान देना होगा. क्योंकि यहां दो महिने ही सैलानी हजारों की संख्या में यहां आते है.
नये थानेदार पिदुरकर के सामने क्षणिक तथा हुदंड मचाने वाले लडकों को चुनौती चिखलदरा में या चार्ज संभालनेवाले ठानेदार के सामने यहां हुदंड मचानेवाले लडके, पॉइंट पर चिल्लाचोट तथा कपडे उतारकर सेल्फी लेना इस पॉइंट पर खतरनाक जगह पर सेल्फी लेना, रास्ते पर शराब पीना, मुख्य मार्ग पर गाडी भगाना जैसी समस्या के कारण यहां फैमीली सहित आनेवाले सैलानियों को शर्मदायक सामना करना पडता है. जिस पर नये थानेदार पिदुरकर ने सख्त रवैया अपनाते हुए पिछले दो हफ्ते में अपराध भी दर्ज किया है तथा खुद पेट्रोलिंग शनिवार, रविवार को करते हुए सख्त ताकीद दी है. आगे भी उन्हें इन सब के लिए तैयार रहने की चुनौती है.