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2024-25 वित्तीय वर्ष में मुद्रांक शुल्क विभाग ने वसूले 380 करोड़

तीन साल से लगातार बढ रहा टार्गेट, इस वर्ष 85 फीसद वसूली

अमरावती/दि.2 – जिले के मुद्रांक शुल्क विभाग में आये दिन जमीन खरीदी का लेन-देन होता है. इस लेनदेन के माध्यम से विभाग को सालाना करोड़ों की आमदनी प्राप्त होती है. इस वर्ष मुद्रांक शुल्क विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 380 करोड़ की आमदनी प्राप्त की है. इस वर्ष जिले के मुद्रांक शुल्क विभाग को 450 करोड़ रुपये का वसूली टार्गेट दिया था.
शहर व ग्रामीण क्षेत्र में खरीदीबिक्री के व्यवहार, जमीन का विकास, भूखंड की बिक्री के विज्ञापन, रियल इस्टेट से संबंधित व्यवहार और अन्य कार्यों के लिये जिलानिहाय मुद्रांक शुल्क विभाग का निर्माण किया गया है. शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्यरत इन विभागों द्वारा अधिकृत रूप से व्यवहार किये गये. सभी जमीनी दस्तावेज के साथ खरीदी बिक्री के व्यवहार की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण की जाती है. जिसके लिये यह विभाग नियमित रूप से कार्य करते हैं. आप कोई भी जमीन खरीदना चाहते हैं तो उसका पंजीयन सरकारी कार्यालय में होना आवश्यक होता है और यह पंजीयन सह जिला निबंधक वर्ग-1 कार्यालय अंतर्गत आने वाले विविध विभागों द्वारा किया जाता है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुद्रांक शुल्क विभाग को राज्य सरकार द्वारा एक लक्ष्य निर्धारित कर वसूली के आदेश दिये थे. अमरावती जिले को वित्तीय वर्ष का टार्गेट 450 करोड़ का रहा. जिसमें मनपा क्षेत्र के साथ 14 तहसीलों का समावेश रहा. साल के अंत तक यानि 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च तक इस विभाग ने 379 करोड़ 46 लाख की वसूली का लक्ष्य पूर्ण किया. निर्धारित लक्ष्य से इस विभाग ने 84.32 प्रतिशत आमदनी प्राप्त की है. इस वित्तीय वर्ष कुल 72 हजार 70 दस्त का पंजीयन हुआ.
बता दें कि, साल 2023-24 में विभाग को 400 करोड़ का टार्गेट दिया गया था. इस साल रेडीरेकनर के रेट स्थिर रहने से खरीदी-बिक्री के व्यवहार में वृद्धि हुयी थी. जिसके कारण विभाग में 76 हजार 659 दस्त पंजीकृत हुये हैं. इन दस्त से विभाग को 381.10 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था. इस वर्ष विभाग ने 95.28 प्रतिशत आमदनी प्राप्त की थी. इस वित्तीय वर्ष आमदनी का लक्ष्य बढ़ा, लेकिन दस्त के पंजीयन एवं खरीदी-बिक्री के व्यवहार में आये उतार चढ़ाव के कारण इस साल 84 फीसदी लक्ष्य की प्राप्ति हो पायी है.

* 3 सालों में 197 करोड़ बढ़ा टार्गेट
सह जिला निबंधक वर्ग-1 व मुद्रांक जिलाधीश अनिल औतकर ने बताया कि, साल 2022-23 के मुकाबले 2024-25 में आमदनी का लक्ष्य 197 करोड़ से बढ़ा है. 2022-23 में मुद्रांक शुल्क विभाग को 253 करोड़ का टार्गेट दिया था. अगले वर्ष 2023-24 में इसे बढ़ाकर 400 करोड़ किया गया और पिछले वर्ष 2024-25 में यह 450 करोड़ रहा. यानि 3 वर्ष में वसूली का लक्ष्य बढ़ने से टार्गेट को पूरा करने में थोड़ी दिक्कतों का सामना हुआ. हालांकि, 2022-23 में रेडीरेकनर के दामों में हुयी वृद्धि के बाद लगातार दो वर्षों तक दरें स्थिर रहीं, लेकिन लक्ष्य करीब दोगुना होता गया. जिसके कारण इसे पूरा करने में कुछ कठिनाइयां आईं.

* 2022-23 में 140 प्रतिशत वसूली
सह जिला निबंधक श्रेणी-1 व मुद्रांक जिलाधीश अनिल औतकर ने अमरावती मंडल को बताया कि, वर्ष 2022-23 में 253 करोड रुपए का टार्गेट मुद्रांक शुल्क विभाग को दिया गया था. कोरोनाकाल के बाद लॉकडाउन समाप्त होते ही लोगों ने अनेक व्यवहार किये थे. इस कारण 140 प्रतिशत वसूली हुई थी. उन आंकडों को देखते हुए 2023-24 में 400 करोड रुपए का लक्ष्य दिया गया. तब 95 प्रतिशत वसूली हुई. पश्चात 2024-25 में 450 करोड रुपए का लक्ष्य दिया गया. इसमें 380 करोड यानि 85 प्रतिशत बढोत्तरी हुई है. राज्य में 55 हजार करोड रुपए का दिया गया लक्ष्य 27 मार्च को ही पूर्ण कर लिया गया. इस कारण अब वर्तमान के वित्तीय वर्ष में टार्गेट उससे अधिक मिलने वाला है.

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