अमरावतीमहाराष्ट्र

ऑक्सीजन देनेवाले देशी पौधों की बढी मांग

जनजागृति से शहर में वृक्षारोपण को मिली गति

अमरावती /दि. 4– शहर में ऑक्सीजन देनेवाले मजबूत देशी पौधों की मांग पौधारोपण के लिए बढी है. शहरवासियों को 31 दिसंबर तक विविध योजना अंतर्गत अब तक 50 हजार पौधों का वितरण किया गया है. जिसमें 85 फीसदी बड, पिपल, कडूनिम, आम, सीताफल, जाम, अंजीर जैसे देशी पौधों का समावेश था. संपूर्ण जिले का विचार करते हुए 3 लाख से अधिक पौधा रोपण 1 जून से 31 दिसंबर तक किया गया. परिसर में बुआई के लिए बड, पिपल, कडूनिम, आम, सीताफल, जाम, अंजीर, नारियल, बांबू आदि पौधों को प्राधान्यता दी गई. वहीं घरों के आंगन में लगाने के लिए पारिजातक, जाम, देशी गुलाब, मोगरा, तुलसी, कडीपत्ता, मनी प्लांट, चाफा इस तरह के पौधों का इस्तमाल किया गया.
नागरिकों में अब वृक्ष को लेकर जनजागृति हुई है. जिसकी वजह से देशी पौधों का रोपण 85 फीसदी से अधिक किया गया. इसमें विशेष यह है कि, अनेक लोगों ने वृक्षों के संवर्धन की भी व्यवस्था की है. वे नियमित पौधों को खाद-पानी दे रहे है. इतनाही नहीं पौधों की सुरक्षा के लिए कठडे भी लगाए गए है. इन पौधों से भविष्य में ऑक्सीजन व फल प्राप्त होंगे तथा पर्यावरण भी संतुलित रहेगा और कडकती धूप में ठंडी छाव भी मिलेगी. पक्षियों को घरौंदे मिलेंगे. इन वृक्षों के बीजो का अपनेआप ही रोपण होगा. शहर सहित जिले का परिसर हराभरा होगा. नागरिकों द्वारा मनपा सहित जिप व ग्रापं से ऑक्सीजन देनेवाले देशी पौधों की मांग की जा रही है.

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