बढती महंगाई, लोडशेडिंग, जलकिल्लत को लेकर कलेक्ट्रेड धमकेंगी वंचित आघाडी
21 अप्रैल को तीव्र निषेध आंदोलन का ऐलान

अमरावती/दि.19– डिझेल-पेट्रोल व गैस के दाम हर दिन बढते ही जा रहे है. इस पर नियंत्रण रखने में केंद्र व राज्य सरकार नाकाम साबित हुआ है. जिससे जीवनावश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रण से बाहर चले गये है. इससे देश में महंगाई बढकर मजदूर, किसान व मध्यम वर्गीयों का जीना मुश्किल हो गया है. केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकार भी बढती महंगाई, लोडशेडिंग व जलकिल्लत की समस्या के लिए जिम्मेदार है. इसलिए केंद्र व राज्य सरकार का निषेध दर्ज कर जनहित मांगों पर सरकार का ध्यान खिंचने के लिए जिलाधीश कार्यालय पर 21 अप्रैल की सुबह 10 बजे भव्य निषेध आंदोलन करने की जानकारी वंचित बहुजन आघाडी द्बारा आयोजित पत्रवार्ता में दी गई.
राज्य में अघोषित लोडशेडिंग शुरु किया गया है. इसका असर किसानों की कृषि उपज पर होगा. उसी प्रकार ग्रीष्मकाल में किये जा रहे लोडशेडिंग का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है. उसी प्रकार सब्जी उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है. वर्तमान में गर्मी का पारा तेजी से बढ रहा है. ऐसे में भी पर्याप्त पानी रहने के बाद भी जलकिल्लत का सामना करना पड रहा है. इसलिए यह बढती महंगाई कम कर पेट्रोल-डिझेल व गैस के भाव कम किये जाए, लोडशेडिंग बद कर जनता को राहत दें, जलकिल्लत का उचित नियोजन कर पर्याप्त जलापूर्ति का नियोजन हो आदि मांगों के लिए वंचित बहुजन आघाडी द्बारा 21 अप्रैल के आंदोलन का नियोजन किया गया है. ऐसी जानकारी पत्रकार परिषद में दी गई. इस अवसर पर वंचित आघाडी के प्रमोद इंगले, बाबाराव गायकवाड, विलास मोहोड, सुरेश तायडे, बबलू ढोके, बबलू रामटेके, अलंकार बागले, उज्वल मेश्राम, सिद्धार्थ दामोदरे आदि उपस्थित थे.