14 वर्षों के बाद भारतीय पुरुष टीम ने जीता ऐतिहासिक स्वर्णपदक
आर्चरी विश्वचषक : ऑलिम्पिक विजेता कोरिया को हराया

शांघाय/दि.29– आर्चरी विश्वचषक में देश के पुरूष टीम ने 14 सालों बाद ऐतिहासिक स्वर्णपदक जीता है. देश के पुरूष रिकर्व टीम के धीरज बोम्मदेवरा, तरूणदीप रॉय और प्रवीण जाधव ने ऑलिम्पिक विजेता दक्षिण कोरिया को पराजित करने हुए 14 सालों के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया है.
विश्वचषक के अंतिम मुकाबले में भारतीय पुरूष रिकर्व टीम की यह पहली जीत है. इसलिए आगामी पैरिस ऑलिम्पिक में स्थान प्राप्त करने की उनकी संभावना को बल मिल रहा है. धीरज, तरूणदीप और प्रवीण इन तीनों ने शानदार संयम रखते हुए एक भी सेट न गंवाते हुए कोरिया के साथ हुए मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया. सेना दल के 40 वर्षीय तरूणदीप 2010 में शांघाय विश्वचषक में स्वर्णपदक जीतने वाली टीम का सदस्य था. उस दौरान राहुल बैनर्जी, तरूणदीप और जयंत इस रिकर्व टीम ने जापान को पराजित किया था. इस स्पर्धा में दो अव्वल टीम के बीच हुआ मुकाबला भारत ने 5-1,(57-57, 57-55, 55-53) ऐसा जीता था. फिलहाल शुरु विश्वचषक में देश का यह पांचवा स्वर्णपदक है.इस जीत के बाद अंकिता भकत और धीरज इस रिकर्व मिश्र टीम ने भी कांस्य पदक जीता. भारत ने विश्व स्पर्धा में पांच स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक सहित आठ मेडल जीत है. पुरूष टीम के अंतिम मुकाबले में कोरिया के खिलाफ भारतीय तीरंदाजों ने तीनों सेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया.
दीपिका कुमारी को रजत पदक
अनुभवी दीपिका कुमारी को महिला रिकर्व में व्यक्तिगत गुट के अंतिम फेरी में सर्वोत्तम प्रदर्शन नहीं कर पाई थ्भ. उसे रजत पदक पर संतोष मानना पडा. 30 वीं मानांकित दीपिका के खेल की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं. लेकिन उसने उपांत्यपूर्व और उपांत्य फेरी में दो कोरियन खिलाडियों को हराया. अंतिम मुकाबले में दीपिका को एशियाई स्वर्ण पदक विजेता लिम सिह्योन ने सीधे सेट में 6-0 से पराजित किया.