घर बनाने के लिए मिस्त्री व मजदूर मिलना हुआ मुश्कील
निर्माणकार्य शुरु करने में दिक्कते, मजदूरी भी महंगी

अमरावती /दि.2– गुढीपाडवा के मुहूर्त पर कई लोग नए घरों का निर्माणकार्य शुरु करते है. इस वर्ष सरकारी योजना के तहत भी बडे पैमाने पर घरकुल मंजूर हुए है, परंतु घरों का निर्माण करने हेतु मिस्त्री व गवंडी कामगार मिलना मुश्कील हो गया है. साथ ही निर्माणकार्य हेतु लगनेवाली मजदूरी की दरें भी महंगी हो गई है. ऐसे में मिस्त्री व मजदूरों का अभाव रहने के चलते कई स्थानों पर निर्माणकार्य ठप पडे है.
बता दें कि, जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शबरी घरकुल योजना, मोदी आवास योजना व रमाई आवास योजना के जरिए अनेकों घरकुल मंजूर हुए है. साथ ही कई लोगों ने अपने घरकुलों का निर्माणकार्य भी शुरु कर दिया है. वहीं ज्यादातर निर्माणकार्यों का शुभारंभ गुढीपाडवा के मुहूर्त पर करने का नियोजन किया गया. जिसकी वजह से मिस्त्री व गवंडी कामगारों की अचानक ही किल्लत हो गई है. साथ ही साथ निर्माण साहित्य व मजदूरी की दरें भी बढ गई है. ऐसे में अब अपने सपनों का घर बनाना मुश्कीलभरा काम हो गया है.
* ईंट काम, प्लास्टर व फरशी लगाने की दरें अलग
घर का निर्माण करते समय कई बातों की ओर ध्यान देना पडता है. कई लोग अपने पैसों से मजदूर लगाकर खुद अपने जरिए अपने घरों का निर्माण करवाते है. वहीं शहरी क्षेत्र में ठेकेदार को जिम्मेदारी सौंपते हुए घरों का निर्माण कराया जाता है. इसके तहत ईंट काम, प्लास्टर व फरशी लगाने के काम अलग-अलग ठेकेदारों को दिए जाते है. जिनकी दरें चौरस फीट के अनुसार तय होती है, साथ ही अलग-अलग तहसीलों में यह दरे अलग-अलग रहती है. इसके अलावा स्थानीय परिस्थिति के अनुसार दरे तय होती है.
* मिस्त्री नहीं मिलने से कई लोगों के निर्माण ठप
मिस्त्री नहीं मिलने के चलते कई लोगों ने अपने घरकुलों के निर्माण को ठप रखा है. खास बात यह है कि, कुछ लाभार्थियों ने अब सीधे दीपावली पर्व के बाद घरकुल निर्माण शुरु करने का नियोजन किया है और इस समय गत वर्ष मंजूर हुए घरकुलों का निर्माण चल रहा है.
* रेत भी उपलब्ध नहीं
जिले में अब तक रेत डिपो शुरु नहीं हुए है. जिसके चलते नागरिकों को 600 रुपए ब्रास की दर पर रेत कब उपलब्ध होगी, यह फिलहाल पता नहीं है. साथ ही जिले के कई रेती घाटों की नीलामी भी नहीं हुई है. जिसके चलते रेत काफी महंगी व उंची दरों पर मिल रही है और रेत की भी किल्लत बनी हुई है.
* जिले में 50 हजार घरकुलों को मंजूरी
तहसील मंजूर घरकुल
अचलपुर 4764
अमरावती 2593
अंजनगांव सुर्जी 2381
भातकुली 2412
चांदुर रेलवे 3159
चांदुर बाजार 2980
चिखलदरा 5500
दर्यापुर 5226
धामणगांव रेलवे 2914
धारणी 5255
मोर्शी 3230
नांदगांव खंडेश्वर 4278
तिवसा 2321
वरुड 3883