कारला की महिला किसान ममता ठाकुर को दिल्ली से मिला आमंत्रण
स्वाधीनता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि रहेंगी उपस्थित

* महाराष्ट्र के 16 उन्नत किसान लेंगे भाग
अमरावती/दि.14-जिले के चांदूर रेलवे तहसील के कारला गांव की प्रगतिशील महिला किसान ममता ताई ठाकुर की यशोगाथा को देखते हुए केंद्र सरकार ने 15 अगस्त को दिल्ली में आयोजित होने वाले 78 वें स्वतंत्रता की वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उन्हें आमंत्रित किया है. यह उपलब्धि अमरावती वासी सहित सभी किसानों के लिए प्रेरणा बन गया है.
एक गृहिणी के लिए उसका घर ही उसकी दुनिया होती है. लेकिन जब इस गृहिणी को अपनी उपलब्धियां साबित करने का मौका मिलता है तो उसकी प्रगति सिर्फ घर तक ही सीमित नहीं रहती बल्कि समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है. यह सफलता की कहानी है अमरावती जिले के चांदूर रेलवे तहसील के कारला गांव की प्रगतिशील महिला किसान ममता ताई ठाकुर की. ग्रामीण क्षेत्र की एक गृहिणी ममता ने घर और खेत की देखभाल करते हुए पारंपरिक खेती को छोड़कर खुद उन्नत खेती करने का फैसला किया. इस संकल्प की पूर्ति के लिए श्रम साफल्य फाउंडेशन द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र घातखेड़ का सहयोग मिला. विज्ञान केंद्र घातखेड के सहयोग और मार्गदर्शन से ममता ठाकुर ने अपनी पारंपरिक कृषि को कृषि पूरक उद्योग का रूप दिया. इतना ही नहीं, निराश्रित महिला किसानों का मार्गदर्शन और समर्थन करके ममता ने ग्रामीण महिला किसानों में नई आशा पैदा की. इस कार्य के लिए हाल ही में ममता ठाकुर को वर्ष 2022 का जीजामाता कृषि भूषण राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. अमरावती जिले की एकमात्र प्रगतिशील महिला किसान ममता ठाकुर को देश के 78 वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में 15 अगस्त 2024 को दिल्ली में विशेष अतिथि रूप में उपस्थित रहेंगी. कृषि प्रधान व्यवस्था में सुखी खेती की समस्या आज भी किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है. आज कृषि विज्ञान ने कृषि विकास में एक बड़ा कदम उठाया है. लेकिन आज भी कई किसान इस कृषि तकनीक के प्रति उदासीन हैं. जो किसान इस कृषि तकनीक के महत्व को समझते हैं, जिन्होंने कृषि तकनीक को अपनाया है, वे आज प्रगति के पथ पर हैं. कृषि विज्ञान केंद्र घातखेड़ कृषि और किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इस कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कारला गांव को गोद लेने के कारण विज्ञान केंद्र घातखेड द्वारा हर समय कारला गांव में विभिन्न जन जागरूकता, वैज्ञानिक कृषि और पूरक गतिविधियां क्रियान्वित की जाती हैं. इस मार्गदर्शन में कारला गांव की ममता ठाकुर लगातार शामिल होती थीं. विज्ञान केन्द्र की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. प्रणिता कडू के मार्गदर्शन में ममता ठाकुर ने कृषि प्रशिक्षण लिया. 16 साल पहले एक साधारण गृहिणी के रूप में जीवन जीने वाली ममता ठाकुर के व्यक्तित्व को कृषि विज्ञान केंद्र घातखेड ने एक सक्षम मंच दिया. पूर्व राज्य मंत्री वसुधाताई देशमुख ने इस कार्य पर संतोष जताया और कहा कि यह लक्ष्य अनिश्चित काल तक जारी रहेगा.
कृषि विज्ञान केन्द्र घातखेड के मार्गदर्शन में प्राप्त सफल प्रगति पर जिला ग्रामीण विकास तंत्र उम्मेद, कृषि विभाग डॉ. पंजाबराव देशमुख जैविक मिशन, चेतना ऑर्गेनिक द्वारा समय-समय पर सहयोग प्राप्त हुआ. इस सफल उन्नत किसान महिला ममता ठाकुर उपलब्धियों से समाज और किसानों को प्रेरित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के कृषि विज्ञान केंद्र के गृह विज्ञान विभाग द्वारा जिजामाता कृषिभूषण पुरस्कार के लिए नामांकन भेजा गया था. ममता ठाकुर को हाल ही में 2 लाख रुपये नकद पुरस्कार देकर 2022 राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने संज्ञान लिया.
किसानों का विकास हो
ग्रामीण क्षेत्रों में गृहिणी के लिए घर और खेत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ हैं। यदि कृषि के माध्यम से विकास हासिल करना है तो पारंपरिक कृषि को आधुनिक कृषि में बदलना आवश्यक है. इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र घातखड़े एवं गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रणिता कडु का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण था. कृषि विज्ञान केन्द्र घातखेड के विशेषज्ञ मार्गदर्शन से कृषि व्यवसाय की नींव रखी जा सकी. सभी किसानों ने महसूस किया है कि कृषि अनुसंधान के माध्यम से कृषि, किसान और सहायक व्यवसाय सफल हो सकते हैं. अभिनंदन के दौरान ममता ठाकुर ने किसानों से कृषि विज्ञान केंद्र घातखेड़ के माध्यम से विकास करने की अपील की.