अमरावतीमहाराष्ट्र

आटा गूंथकर फ्रीज में रखना स्वास्थ के लिए हानिकारक

अमरावती /दि.2– इन दिनों सभी आय वर्ग वाले लोगों के घरों में फ्रीज रहता ही है. जिसमें गृहिणीयों द्वारा साग-सब्जी व दूध के साथ ही कई बार गूंथे हुए आटे के गोले को भी रख दिया जाता है. जिससे बाद में रोटी तैयार की जाती है, परंतु ऐसा करना स्वास्थ के लिहाज से बेहद खतरनाक भी साबित हो सकता है. क्योंकि, फ्रीज में रखे गूंथे हुए आटे से तैयार की गई रोटियों का सेवन करने से शरीर पर कई तरह के साईड इफेक्ट होने के साथ ही इसका पाचनक्रिया पर परिणाम पड सकता है. ऐसे में स्वास्थ विशेषज्ञों ने जहां तक संभव हो ताजे खाद्यपदार्थों का ही सेवन करने पर जोर दिया है और बताया है कि, किसी भी खाद्यपदार्थ को फ्रीज में रखने पर उस खाद्यपदार्थ के सत्व कम हो जाते है. साथ ही गूंथे हुए आटे को फ्रीज में रखने पर उसमें बैड बैक्टेरिया तैयार होती है. जिनसे बनी रोटियों का सेवन करने से स्वास्थ को नुकसान पहुंचता है.

* फ्रीज में रखे आटे में तैयार होते है बैड बैक्टेरिया
गूंथे हुए आटे को फ्रीज में रखकर उसका बाद में रोटियां तैयार करने हेतु उपयोग करना किसी भी लिहाज से योग्य नहीं है. फ्रीज में रहनेवाली हानिकारण किरणों की वजह से आटे के पोषक तत्व खत्म हो जाते है. साथ ही फ्रीज में रखा गूंथा हुआ आटा कुछ समय बाद थोडा हलका काला दिखाई देने लगता है. जिससे बनाई गई रोटियों का स्वाद भी अलग रहता है. ऐसे में फ्रीज में रखे आटे का प्रयोग करना स्वास्थ के लिहाज से हानिकारक होता है.

* फ्रीज में वायू का प्रयोग
फ्रीज में रेफ्रीजरेंट वायू रहती है. जिसकी वजह से फ्रीज में रखे पदार्थ ठंडे रहते है, लेकिन ऐसे पदार्थों के सेवन का स्वास्थ परिणाम होने की पूरी संभावना रहती है. अत: फ्रीज में रखे ठंडे पदार्थों का सेवन टाला जाना चाहिए.

* बचे हुए आटे के गोले को फ्रीज में रखकर उसकी बाद में बनी हुई रोटियों का सेवन करने से फूड पायजनिंग का खतरा होता है. फ्रीज में रखे आटे के पोषक तत्व खत्म हो जाते है और आटे में बैड बैक्टेरियां तैयार होते है. जिससे मायक्रोटेक्झीन बढता है और आटे का गोला थोडा काला पडकर उसमें फंगस तैयार होता है. ऐसे में बेहद जरुरी है कि, आटा गूंथने के बाद उसे अगले 6 से 7 घंटों के भीतर खत्म कर देना चाहिए.
– रसिका राजनेकर
आहार विशेषज्ञ.

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