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हृदयरोग से संबंधित कुश ठाकरे की सराहनीय खोज

जानिए कैसे काम करेगा ‘पर-क्ल्यू स्टेस्थोस्कोप’

* शेगांव के कुश ने इर्विन में अपनी सेवाएं भी दी है
* कई कंपनियां करना चाहती है स्पान्सर
* हार्ट अटैक आने से पूर्व संकेत मिलेंगे इस नये यंत्र से
अमरावती/दि.21 – स्थानीय शासकीय फार्मसी कॉलेज के तृतीय वर्ष के विद्यार्थी कुश मनोहर ठाकरे द्बारा बनाये गये ‘पर-क्ल्यू स्टेस्थोस्कोप’ से दिल की धडकन की गति पता चलेगी, यह दर्ज होगी. जिससे उस व्यक्ति को दिल का दौरा पडने की आशंका का पता चलेगा. ऐसी जानकारी आज दोपहर कुश ठाकरे ने अमरावती मंडल से बातचीत में दी. कुश ने बताया कि, राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में उन्होंने बताया है. अपनी खोज पर और काम करना है. साथ ही स्टेस्थोस्कोप को लेकर अनेक कंपनियां उन्हें स्पान्सर करने के लिए तैयार हो जाने की जानकारी भी कुश ने दी. उल्लेखनीय है कि, कुश ठाकरे मूलरुप से शेगांव निवासी है. आज दोपहर उनसे बातचीत के पश्चात तुरंत वह ट्रेन से शेगांव के लिए रवाना हो गये. गजानन महाराज के बडे भक्त हैं. कुश राज्यपाल द्बारा दिया गया पुरस्कार का धनादेश और प्रमाणपत्र घर में जाने से पहले गजानन महाराज मंदिर में रखेंगे.
* गरीबों की जांच दौरान आइडिया
कुश ठाकरे शेगांव से अमरावती फार्मसी कॉलेज में पढने आये. तृतीय वर्ष में जिला सामान्य अस्पताल इर्विन में क्लर्क शीप दौरान उन्होंने गरीब मरीजों की जांच की. अनेक मरीजों की धडकन असामान्य पायी. तब उन्होंने इन मरीजों को इसीजी और अन्य जांच की सलाह दी. मगर इन जांच पर होने वाली खर्च की व्यवस्था नहीं होने से वे जांच नहीं करा पाते. जिससे कुश ठाकरे को लगा कि, ऐसा कोई साधन हो, जिससे बगैर इसीजी करें हृदय की धडकनों का हाल पता चल जाये. यहीं सोचकर वे स्टेस्थोस्कोप में कुछ बदलाव के लिए जुट गये.
* मित्र मनीष पुथरन का सहयोग
कुश को अपने आविष्कार के लिए प्रा. डॉ. शारदा देवरे और डॉ. स्वाती शेरेकर का मार्गदर्शन मिला. सहपाठी मनीष पुथरन का बडा सहयोग मिला. डोंबीवली के निवासी मनीष ने कुश के साथ मिलकर स्टेस्थोस्कोप तैयार किया. उसे ‘पर-क्ल्यू’ नाम दिया गया. जिसे तैयार करने में लगभग 6-7 हजार रुपए का खर्च और 3 माह का समय लगा. कुश ने बताया कि, ‘पर-क्ल्यू स्टेस्थोस्कोप’ से मरीज की धडकन के साथ उसे दिल का दौरा पडने की आशंका का पता चलता है. दरअसल इस ‘पर-क्ल्यू स्टेस्थोस्कोप’ में मौजूद यंत्र और सॉफ्टवेअर की सहायता से हार्ट अटैक की आशंका मालूम की जा सकती है. वह सॉफ्टवेअर भी दोनों मित्रों ने तैयार किया है.
* पंचायत समिति में कार्यरत पिता
कुश के पिता मनोहर ठाकरे पंचायत समिति कार्यालय में कार्यरत है. जबकि मां सौ सविता ठाकरे गृहिणी है. उनकी बडी बहन रेणुका सुमित हिंगणकर कोल्हापुर मेें कार्यरत है. जबकि जुडवा भाई लव ठाकरे एमबीए की पढाई कर रहा है. कुश ने शेगांव में माध्यमिक शिक्षा पश्चात अकोला के जय बजरंग कनिष्ठ महाविद्यालय से कक्षा 12वीं तक पढाई की. उपरान्त फार्मसी की डिग्री के लिए अमरावती आ गये.
* राज भवन में मिले स्पान्सर
कुश ने राज भवन में 2 मीनट का स्पीच अपने आविष्कार को लेकर दिया. उनके स्टेज से उतरते ही दो कंपनियों ने आविष्कार के आगे के काम के लिए संपर्क किया. प्रायोजकत्व की तैयारी दर्शायी. कुश ने बताया कि, अमरावती की जिलाधीश पवनीत कौर ने भी स्टार्टअप के तौर पर सहायता का आश्वासन दिया है. उसी प्रकार उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सभी प्रकार से मदद का वादा किया. कुश को लगता है कि, उनका आविष्कार बडा उपयोगी सिद्ध होगा. कुश ने गजानन महाराज का आशीर्वाद बताया.

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