अमरावती

लाखों युवक पढ लिखकर बेरोजगार बैठे हैं

70 साल के बूढों से काम कराओगे क्या

* शिक्षण संघर्ष संगठन का तीखा सवाल, आंदोलन
अमरावती/दि.14- शिक्षण संघर्ष संगठन ने राज्य सरकार व्दारा सभी प्रकार की सरकारी ग्रान्ट प्राप्त शालाओं में नियुक्ति की आयुसीमा 70 वर्ष कर देने पर सवाल उठाया है. आज जिलाधीश को मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम निवेदन देकर संगीता शिंदे के नेतृत्व में संगठन की तरफ से निवेदन दिया गया. जिसमें कहा गया कि 70 साल के व्यक्ति को काम दिया जा रहा है यह अव्यवहार्य है. प्रदेश में हाजरों टीईटी पात्र डीएड, बीएड, एमएड, एमफील, सेट, नेट, पीएचडी पात्रता धारक उच्च शिक्षित युवक बेरोजगार है. उन्हें रोजगार नहीं होने से उदर निर्वाह का प्रश्न उपस्थित हुआ है. इसका विचार न करते हुए सेवानिवृत्त अध्यापकों को ठेका शिक्षक के रुप में नियुक्त करना सर्वथा आयोग्य है. 7 जुलाई का परिपत्रक रद्द करने की मांग संगठन ने बुलंद की.
इस समय संगीता शिंदे, सिकंदर मनवरे, संजीवनी मनवरे, संजय बुरघाटे, रितेश खुलसाम, मिलिंद तायडे, शरद तरमारे, अमोल चाफले, शुभम इंगोले, मंगेश शेंडे, आशीष कावरे, शेखर चव्हाण, प्रवीण दिवे, अंकुश वालवे, रोशन नकाशे, नवशाद कुरेशी, ऋत्विक रामटेके, प्रज्वल मेश्राम, अभिजीत गुढे, शांता गाडगे, उज्वला सुरजे, प्रणाली पुसलेकर, अश्विनी माहुरे, सुजाता सदाफले, कांचन सगणे, प्रतीक्षा माकोडे, शिवानी रायबोले, अंजली पुरी, मृणालदि रामटेके, प्राजक्ता तायडे, डॉ. अनिल नागदेवते, प्रा. सुमेध गावंडे, साक्षी तायडे, स्नेहा मांढरे, नेहा धोडे, प्रियंका लोखंडे, शिल्पा गजभिये, प्रा. सुमित गावंडे, प्रथमेश उमक आदि उपस्थित थे.

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