अमरावतीमुख्य समाचार

जिले की तीन तहसीलोें के 12 गांवों में है लंपी डीजीस का असर

संक्रमित जानवरों का चल रहा प्रभावी इलाज

* बीमारी के प्रसार को रोकने उठाये जा रहे ठोस कदम
* जिला पशु संवर्धन विभाग ने दी पत्रवार्ता में जानकारी
अमरावती/दि.10- इस समय अमरावती जिले की चिखलदरा, धारणी और अचलपुर इन तीन तहसील क्षेत्रों के 12 गांवों में गौवंशीय जानवरों पर लंपी स्कीन डीसीज नामक संक्रामक बीमारी का असर देखा जा रहा है और इन तहसील क्षेत्रों में बडे पैमाने पर गौवंशीय जानवर इस बीमारी की चपेट में आ रहे है. ऐसे में संक्रमित जानवरों का इलाज करने के साथ-साथ निरोगी जानवरों को इस संक्रमण की चपेट में आने से बचाने हेतु जिला पशुसंवर्धन विभाग द्वारा राजस्व, पुलिस एवं जिला परिषद प्रशासन के साथ मिलकर तमाम आवश्यक कदम उठाये जा रहे है. इस आशय की जानकारी निवासी उपजिलाधीश डॉ. विवेक घोडके द्वारा आज यहां बुलाई गई पत्रकार परिषद में दी गई.
स्थानीय जिलाधीश कार्यालय के सभागार में बुलाई गई इस पत्रवार्ता में निवासी उपजिलाधीश डॉ. विवेक घोडके के साथ ही जिला पशुसंवर्धन उपायुक्त डॉ. संजय कावरे, जिला पशुसंवर्धन अधिकारी पुरूषोत्तम सोलंके, पशुधन विकास अधिकारी डॉ. उदय देशमुख व डॉ. रमेश राउत भी उपस्थित थे. इस पत्रवार्ता में बताया गया कि, इस समय अमरावती जिले सहित राज्य के कई जिलों में गौवंशीय पशुओं में लंपी स्कीन डीसीज नामक बीमारी का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इस बात के मद्देनजर अमरावती की जिलाधीश पवनीत कौर के आदेश पर अमरावती जिले में अगले आदेश तक गौवंशीय जानवरों की ढुलाई तथा खरीदी-बिक्री को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया गया है. ऐसे में अब जिलाधीश कार्यालय से अगला आदेश जारी होने तक जिले में कहीं पर भी पशु बाजार का आयोजन नहीं होगा. इस पत्रवार्ता में यह भी बताया गया कि, इससे पहले भी वर्ष 2020 के दौरान अमरावती जिले में लंबी स्कीन डीसीज का संक्रमण फैला था और उस समय करीब 914 जानवर इसकी चपेट में आये थे. लेकिन समय रहते प्रभावी कदम उठाते हुए इस बीमारी के प्रादुर्भाव को रोका गया. उसी तरह इस समय फैल रही बीमारी के असर को भी प्रभावी तरीेके से नियंत्रण में लाया जायेगा. जिसके लिए प्रत्येक तहसील में एक के हिसाब से कुल 14 शीघ्र कृतिदल गठित किये जायेंगे और प्रभावित क्षेत्र के आसपास स्थित गांवों में 25 हजार जानवरों का टीकाकरण भी किया जायेगा.

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