
* प्रतिबंधात्मक नियम के पालन को बताया आवश्यक
अमरावती/दि.20- इन दिनों कई लोगों को यह लगता है कि, यदि वे एक बार संक्रमण की चपेट में आ चुके है, तो उन्हें दुबारा कोविड की बीमारी नहीं होगी. किंतु ऐसा सोचना पूरी तरह से तथ्यहिन व भ्रामक है. क्योंकि जिले में कई लोग दूसरी व तीसरी बार कोविड संक्रमण की चपेट में आये है. ऐसे में स्वास्थ्य महकमे ने सभी नागरिकों से कोविड प्रतिबंधात्मक दिशानिर्देशों का पालन करने को लेकर आवाहन किया है.
बता दें कि, यदि कोई व्यक्ति एक बार कोविड पॉजीटीव पाये जाने के बाद अगले 100 दिनों तक कोविड मुक्त रहता है और दुबारा कोविड पॉजीटीव पाया जाता है, तो इसे संक्रमण का रि-इंफेक्शन कहा जाता है. कोविड मुक्त होने के बाद कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटीव आने के बाद भी वायरस का थोडासा अंश शरीर में रहता है. जिसे ‘परसिस्टंट’ वायरल शेडिंग कहा जाता है. चूंकि यह वायरस शरीर में बेहद कम प्रमाण में रहता है. जिसके चलते कोविड संक्रमण के किसी भी तरह का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता और लक्षण रहने पर भी संबंधित व्यक्ति अन्य लोगों को संक्रमित नहीं कर सकता. किंतु टेस्ट करने पर ऐसे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजीटीव आ सकती है, ऐसा स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है. इसके अलावा कोविड संक्रमित होने के बाद कुछ समय के लिए एंटीबॉडीज शरीर में रहती है, किंतु एंटीबॉडीज के शरीर में बने रहने के समय को लेकर स्वास्थ्य महकमे मेें अलग-अलग विचार देखे जा रहे है. लेकिन यह तय है कि, एंटीबॉडीज का प्रभाव कम होते ही संक्रमण की चपेट में आने की संभावना बढ जाती है.
* दोनोें टीके लगवा चुके कई लोग पॉजीटीव
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, कोविड संक्रमण के खिलाफ प्रतिबंधात्मक वैक्सीन के टीकाकरण को बेहद प्रभावी व कारगर उपाय बताया जा रहा है. जिसके तहत प्रशासन द्वारा शत-प्रतिशत टीकाकरण कराये जाने को लेकर आवश्यक उपाय किये जा रहे है. साथ ही टीका लगवा चुके नागरिकों से भी कोविड प्रतिबंधात्मक नियमों का अनिवार्य तौर पर पालन करने हेतु कहा जा रहा है. लेकिन कई लोगबाग टीका लगवाने के बाद बिल्कुल बेफिक्र व लापरवाह हो चले है. जिसकी वजह से वैक्सीन के दोनोें टीके लगवा चुके कई लोगबाग कोविड संक्रमण की चपेट में आ रहे है. इस बात के मद्देनजर प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी नागरिकों से कोविड प्रतिबंधात्मक नियमों का पालन करने और घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने व सोशल डिस्टंसिंग का पालन करने का बार-बार आवाहन किया जा रहा है.
* पांच मरीज वेंटिलेटर पर, दो आयसीयू में
कोविड के संक्रमण की रफ्तार बढने के साथ ही एक भी टीका नहीं लगवानेवाले तथा विविध बिमारियों की चपेट में रहनेवाले पांच मरीज कोविड संक्रमण की चपेट में आने के साथ ही इस समय कोविड अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखे गये है. वहीं फिलहाल केवल दो मरीजों को आयसीयू में रखा गया है. यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, इस समय सभी संक्रमित मरीज सरकारी कोविड अस्पताल में भरती है और निजी कोविड अस्पतालों में इस समय तक पूरा सन्नाटा है.
बॉक्स, फोटो श्यामसुंदर निकम
एक बार कोविड संक्रमण की चपेट में आने के बाद दोबारा यह संक्रमण नहीं होगा, इस भ्रम में किसी ने भी नहीं रहना चाहिए और लक्षण दिखाई देते ही अपनी टेस्ट करवा लेनी चाहिए. इसके अलावा हर एक पात्र व्यक्ति ने कोविड प्रतिबंधात्मक वैक्सीन के दोनों टीके अवश्य लगवाने चाहिए. वहीं अब फ्रंटलाईन वर्कर्स व हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ ही 60 वर्ष से अधिक आयुवाले बुजुर्ग नागरिकों को तीसरा बूस्टर डोज लगाया जा रहा है. अत: पात्र लाभार्थियों द्वारा यह तीसरा बूस्टर डोज भी जरूर लगाया जाना चाहिए.
डॉ. श्यामसुंदर निकम
जिला शल्य चिकित्सक