अंतरराष्ट्रीय खिलाडियों को तैयार करने के लिए ‘मिशन लक्ष्यवेध’
अकादमी के सशक्तिकरण पर जोर

* 10 से 30 लाख रुपए तक सबसीडी
अमरावती /दि.2– अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में पदक जीतने वाले उत्कृष्ट एथलीट तैयार करने के लिए राज्य में ‘मिशन लक्ष्यवेध’ पहल लागू होने जा रही है. इसके तहत निजी अकादमियों को सशक्त बनाया जाएगा. राज्य में खेल संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार-प्रसार के साथ-साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ी तैयार करने के प्रयास किये जा रहे हैं.
प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलम्पिक जैसी अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने के लिए योजना बनाने की जरूरत है. राज्य के खिलाड़ियों के लिए अद्यतन खेल प्रशिक्षण प्रणाली, खेल अवसंरचना, खेल चिकित्सा, खेल प्रतियोगिताओं का संगठन, एथलीटों के लिए पुरस्कार और प्रोत्साहन, एथलीटों के लिए करियर मार्गदर्शन व खिलाड़ियों के क्षमता विकास के लिए कोच व संस्थानों को सहयोग सहित सभी घटक विकसित करने के उद्देश्य से शासन ने मिशन लक्ष्यवेध नामक एक महत्वाकांक्षी योजना को अमल में लाने का निर्णय लिया. मिशन लक्ष्यवेध के तहत चयनीत हुए एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, लॉग टेनिस, रोइंग, शूटिंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती आदि 12 क्रीडा खेल के राज्य के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तैयार करने वाली निजी अकादमियों को आर्थिक सहायता देकर संस्थ का सशक्त किया जाने वाला है. मिशन लक्ष्यवेध के अंतर्गत निजी अकादमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु संबंधित अकादमियों के खिलाडी, खेल मार्गदर्शक सहायक प्रशिक्षक, प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे और उनके स्तर, खेल सामग्री और खेल अकादमियों का मूल्यांकन किया जाएगा. 35 से 50 अंक प्राप्त करने वाले संस्थानों को सी-श्रेणी, 51 से 75 अंक प्राप्त करने वाले संस्थानों को बी और 76 से 100 अंक प्राप्त करने वाले संस्थानों को ए-श्रेणी में वर्गीकृत किया जाएगा. वित्तीय सहायता, बुनियादी खेल सुविधाओं के निर्माण, खेल सुविधाओं के उन्नयन, कोचों के पारिश्रमिक, खेल और प्रशिक्षण उपकरण आदि के लिए सी-श्रेणी अकादमियों को सालाना 10 लाख रुपये, बी-श्रेणी अकादमियों को 20 लाख रुपये और ए-श्रेणी अकादमियों को 30 लाख रुपये दिए जाएंगे. खेल और युवा विभाग के संयुक्त निदेशक सुधीर मोरे ने अपील की है कि इच्छुक संगठन आवेदन पत्र के लिए जिला खेल अधिकारी के कार्यालय से संपर्क करें. इस योजना से निजी अकादमियों को वित्तीय सहायता मिलेगी और खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं तैयार की जाने वाली है.