सोशल मीडिया का दुरुपयोग करना पडेगा भारी

अमरावती /दि.1– कई लोग विशेषत: युवक-युवतियां सोशल मीडिया के जरिए व्यक्त होते रहते है, परंतु सोशल मीडिया पर शेयर की जानेवाली कुछ पोस्ट कानून व व्यवस्था के लिए बाधक साबित होती है और समाज के प्रत्येक घटक पर ऐसी विवादास्पद पोस्ट का परिणाम होने की संभावना भी रहती है. इससे पहले भी सोशल मीडिया पर शेयर की गई आपत्तिजनक व विवादास्पद पोस्ट के चलते कानून व सुव्यवस्था का प्रश्न निर्माण हुआ है. साथ ही सोशल मीडिया पर कई बार भ्रामक विज्ञापन, अफवाह व बदनामीकारक साहित्य प्रसारित किए जाने के चलते समाज में गलत फहमियां निर्माण होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में सोशल मीडिया का इस तरह से दुरुपयोग करना भारी पड सकता है तथा सोशल मीडिया का दुरुपयोग करते हुए समाज में भ्रामक जानकारियां फैलानेवाले लोगों के खिलाफ अपराध भी दर्ज किया जा सकता है.
* सोशल मीडिया का सुरक्षित प्रयोग जरुरी
आगामी समय में मनाए जानेवाले पर्व एवं त्यौहारों के मद्देनजर शहर पुलिस आयुक्तालय के साईबर पुलिस स्टेशन द्वारा सोशल मीडिया पर चलनेवाली सभी तरह की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. साथ ही अच्छी बात यह है कि, जारी वर्ष के दौरान अमरावती शहर में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर एक भी अपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया.
* तीन माह में कुछ लोगों को दी गई नोटिस
यद्यपि जारी वर्ष की पहली तिमाही के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर साईबर पुलिस थाने में एक भी अपराध दर्ज नहीं हुआ. लेकिन आपत्तिजनक पोस्ट को अपलोड करने व उसे फॉरवर्ड करने के मामले में कुछ लोगों को नोटिस जारी की गई है. साथ ही ऐसी पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है.
* ऐसा करने पर दर्ज होते है मामले
– राजनीतिक विवादास्पद पोस्ट – किसी भी राजनीतिक विषय को लेकर विवादास्पद पोस्ट डालने के बाद उस पर क्रिया-प्रतिक्रिया उमटती है. साथ ही संबंधित राजनीतिक दलों द्वारा भी ऐसे विषयों पर भाष्य किया जाता है. जिसे लेकर कोई भी विवाद पैदा होने पर संबंधितों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है.
– फेक न्यूज फैलाना – फेक न्यूज अथवा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलानेवाली पोस्ट शेयर करनेवालो और ऐसी पोस्ट को फॉरवर्ड करनेवालों के खिलाफ भी अपराध दर्ज किया जाता है.
– सामाजिक तनाव पैदा करनेवाली पोस्ट – दो जातियों व धर्मों में तनाव पैदा करनेवाली तथा अफवाहों को खादपानी डालनेवाली पोस्ट भी अपराधों के दायरे में आती है. ऐसी पोस्ट की वजह से कानून व व्यवस्था के लिए खतरे वाली स्थिति निर्माण होने पर ऐसी पोस्ट शेयर करनेवाले लोग भी पुलिस के निशाने पर आ जाते है.
* साईबर पुलिस थाने में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल कार्यरत है. जो सोशल मीडिया पर चलनेवाली सभी तरह की गतिविधियों पर ध्यान रखता है. विगत तीन माह के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया. हालांकि, कुछ शिकायते मिलने पर कुछ लोगों को नोटिस जारी कर उनकी आपत्तिजनक पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया गया.
– आसाराम चोरमले
थानेदार, शहर साईबर पुलिस स्टेशन.