बंदर, बिल्ली काटी, चूहे ने भी मारे दांत

अमरावती/दि.10– जिले में श्वान बाइट की घटना में भारी मात्रा में बढोतरी हुई है. श्वान बाइट के साथ सर्पदंश, बिच्छू के दंश की घटना भी बढ रही है. साथ ही कुछ नागरिकों को बंदर, बिल्ली, भालू, चहे काटने से शासकीय अस्पताल में उपचार लेना पडा है. जनवरी से अक्तूबर ऐसे 10 माह में जिले मेें श्वान बाइट के 20215, सर्पदंश के 1833 और 1412 लोगों को अन्य प्राणी काटने की घटना जिला अस्पताल में दर्ज है.
सभी शासकीय अस्पताल के दस माह की आंकडेवारी पर नजर डाले तो श्वान बाइट की सर्वाधिक घटना शहर की है. जनवरी से अक्तूबर की कालावधि में 1412 नागरिकों को सर्पदंश हुआ. इसमें अब तक तीन लोगों की मृत्यु हुई है. जिले में विविध प्राणियों के काटने से अनेक मरीज शासकीय अस्पताल में उपचार के लिए आते हैं. इसमें सर्वाधिक घटना श्वान बाइट की है तथा मानसून में सांप, बिच्छू काटने की घटना हुई है.साथ ही अन्य प्राणी काटने पर उपचार लेना आवश्यक है.
* 12 को चूहे ने काटा
शासकीय आंकडेवारी के मुताबिक अन्य प्राणियों की काटने की घटना में कुछ नागरिकों को नींद में चूहा काटने की घटना घटित हुइ है. ग्रामीण इलाकों में खेत में काम करते समय जंगली सूअर, भालू के हमले की घटना भी घटित हुई है. 7 से 8 इस तरह की घटनाओं में घायल लोगों को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किए जाने की बात दर्ज है.
* 456 नागरिकों को बिच्छू का दंश
सर्प दंश के साथ ही बिच्छू भी जहरीला है. मानसून में बिच्छू के दंश की घटना ग्रामीण क्षत्र में सर्वाधिक है. दस माह में 456 लोगों को बिच्छू ने कहा है. कुत्ते के साथ अनेक परिवार ने बिल्ली भी पाली जाती है. लेकिन अनेक बार बिल्ली के नाखून लगना अथवा काटने की घटना भी घटित होती है. इस कारण 15 से 20 घटना बिल्ली काटने की है.