दो दिनों में 4 लाख से अधिक ई-केवायसी की चुनौती
अनेक बार समयावधि बढाकर देने के बावजूद 26 प्रतिशत नागरिक शेष

अमरावती/दि.1– अनाज वितरण में पारदर्शिता लाने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शासन ने राशन लेने वाले लाभार्थियों को ई-केवायसी अनिवार्य किया है. शनिवार 29 मार्च तक जिले में 19 लाख 60 हजार 670 लाभार्थियों की ई-केवायसी पूर्ण हुई है. दो दिनों में तीनों योजना के 4 लाख से अधिक लाभार्थियों की ई-केवायसी पूर्ण करने की चुनौती अब आपूर्ति विभाग के सामने है.जिन लाभार्थियों ने ई-केवायसी नहीं की है. उनका राशन बंद होने वाला है.
सार्वजनिक वितरण व्यवस्था अंतर्गत जिले के राशन दुकानों से अंत्योदय अन्न योजना व प्राथमिक परिवार लाभार्थियों को राशन का वितरण किया जाता है. अंत्योदय व प्राधान्य परिवार कार्ड धारकों को शासन की तरफ से गेहूं, चावल आदि अनाज वितरीत किया जाता है. लेकिन अनेक बार लाभार्थियों को अनाज न मिलने के आरोप होते है. इसके अलावा कालाबाजारी होने की घटना राज्य में प्रकाश में आयी है. कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए शासन की तरफ से लाभार्थियों की जांच शुुर की गई है. 31 मार्च तक सभी लाभार्थियों की ई-केवायसी कर लेना अनिवार्य किया गया है. इसके मुताबिक सभी राशन धारकों को आधार प्रमाणिकरण ई-केवायसी कर लेने का आश्वासन जिला आपूर्ति अधिकारी ने किया है. पिछले साल से यह विषय बार-बार आ रहा है. इसके पूर्व तीन बार समय दिया गया था. फिर भी लाभार्थियों की ई-केवायसी नहीं हुई है. अब ई-केवायसी करने के लिए जगह-जगह कैम्प का आयोजन प्रशासन ने किया है. राशन पत्रिका में नाम रहे परिवार के प्रत्येक सदस्य की नोंद इस ई-केवायसी में करना अपेक्षित है.
* राशन दुकान में ही ई-केवायसी करने की सुविधा
नागरिकों को उनके पास की राशन दुकान में प्रत्यक्ष जाकर आधार कार्ड दिखाकर अंगूठा लगाकर आधार प्रमाणिकरण ई-केवायसी करना है. इसके लिए प्रत्येक दुकान में सुविधा की गई है. राशन वितरण अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सभी कार्ड धारकों को अनाज पहुंचाया जा रहा है.