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आंदोलक एसटी कर्मियों को 31 मार्च की डेडलाइन

काम पर लौटे तो नहीं होगी कार्रवाई

* परिवहन मंत्री अनिल परब का बयान
अमरावती/दि.26– विगत 2 महीने से एसटी महामंडल का सरकार में विलगिकरण की मांग को लेकर हडताल कर रहे आंदोलक एसटी कर्मचारियों को 31 मार्च तक काम पर वापिस लौटने की अपील परिवहन मंत्री अनिल परब द्बारा की गई है. मंत्री परब ने शुक्रवार को राज्य के दोनों सदनों में एक बयान देकर स्पष्ट किया कि, 31 मार्च से पहले काम पर लौटने वाले कर्मचारियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी. लेकिन उसके बाद संबंधितों पर कडे कार्रवाई का प्रस्ताव मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने पेश किया जाएगा.
सदन में बोलते हुए परिवहन मंत्री परब ने स्पष्ट किया कि, विभिन्न एसटी कर्मचारी विगत दो महिने से हडताल पर है. यह कर्मचारी विभिन्न प्रलोभनों का शिकार हुए है. लेकिन सरकार इन कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील है. यहीं वजह है कि, कर्मचारियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया गया है. इस वक्त उन्होंने बताया कि, आंदोलक कर्मचारियों का आंदोलन खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिये. जिसके तहत एसटी कर्मचारियों को राज्य सरकार के कर्मचारियों जैसे महंगाई भत्ते, घर किराया भत्ते में वृद्धि कर उनका वेतन भी 7 से 9 हजार रुपयों से बढाया गया है. यह वेतन वृद्धि सातवें वेतन आयोग जितनी है. वर्तमान में राज्य परिवहन महामंडल पर 63 करोड का भार बढ गया है. फिर भी कर्मचारियों को 10 तारीख से पहले वेतन देने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने इस वक्त यह भी स्पष्ट किया कि, हडताल के चलते परिवहन महामंडल की आय घट गई. ऐसा होने के बाद भी महामंडल ने कर्मचारियों को 2500 से 5 हजार रुपए तक की दिवाली भेंट दी. जिससे महामंडल पर 24 करोड रुपयों का अतिरिक्त भार पडा है. इसलिए अब सभी एसटी कर्मचारी काम पर लौट आये. अन्यथा उन पर कडे कार्रवाई की तैयारी पर सरकार को विचार करना पडेगा.

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