अमरावती

‘पुनर्वास नहीं तो मतदान नहीं’

सेमाडोह ग्रामवासियों ने दिया अल्टिमेटम

* जिलाधिकारी एवं मुख्य वनसंरक्षक को सौंपा ज्ञापन
* विधायक बच्चू कडू ने समस्या हल करने का दिया आश्वासन
चिखलदरा/दि. 27– चिखलदरा तहसील के तहत आने वाले परतवाडा-धारणी रोड पर बसे वन विभाग (सिपना वन्यजीव) अंतर्गत आने वाले सेमाडोह की जनता ने होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठायी है.
सेमाडोह वासियों ने किसी भी चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है. इसका यह कारण है कि, 20 दिसंबर 2022 को ग्राम सभा ने प्रस्ताव लेकर इस गांव को पुनर्वसित किया जाए, ऐसा ठहराया था. जिसके बाद पिछले सालभर से कई अधिकारी, पदाधिकारियों को ज्ञापन दिया गया. बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते यह कदम उठाने की जानकारी राजा येवले ने दी.

येवले के मुताबिक पुनर्वसन के तहत आने वाले सेमाडोह की 75 प्रतिशत जनता पुनर्वसन चाहती है. शासन के नियम के अनुसार जितने लोग स्वयंमर्जी से पुनर्वसित होना चाहते है, उन्हें पुनर्वसित किया जाए. तथा जो नहीं चाहता है उसे रहने दिया जाए. बावजूद इसके वनविभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे. जिसके कारण यहां के निवासी गांव पुनर्वसित होने के चक्कर में ना ही कोई व्यवसाय शुुरु कर पा रहे और ना ही घर बना पा रहे. बिजली की आंखमिचौनी, शासन के विकास काम ठप आदि समस्या है. यहां रहने वाले गवली, तथा आदिवासियों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन है. लेकिन वन विभाग ने सिर्फ दो ही चराई क्षेत्र रखे है. जिसमें यहां के 2 से 3 हजार पशुओं के लिए चराई की दिक्कत है. उसी प्रकार अगर पशु बंद क्षेत्र में जाता है तो न्यायालयीन प्रकरण, दंड, हर्रास जैसी समस्या का सामना करना पडता है. एक ओर सरकार गांव को पुनर्वसित करने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर शासन के वेतन पर एसी में बैठकर अधिकारी मौज कर रहे है. जहां गांव छोडकर जाने को तैयार नहीं ऐसे कई गांव है. मगर यहां के लोग खुद पुनर्वसन की मांग कर रहे है तो वनविभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है. जिसके कारण यहां संदेह उत्पन्न हो रहा है कि, कार्रवाई नहीं करने से पिछे का राज क्या है?

* विधायक बच्चू कडू ने दिया आश्वासन
ग्रामवासियों ने आज विधायक बच्चू कडू से उक्त विषय को लेकर मुलाकात की तथा उन्हें सभी समस्याओं से अवगत कराया. जिस पर विधायक बच्चू कडू ने सभी समस्याएं सुनने के बाद जल्द से जल्द पुनर्वसन सहित सभी समस्याओं का हल निकालने का आश्वासन दिया.

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