अमरावतीमहाराष्ट्र

अब अपार्टमेंट को भी मिलेगा पंजीकृत संस्था का दर्जा

अब तक नहीं थी सुविधा, किसी एक व्यक्ति के पास देना पडता था मेंटेनन्स

* म्हाडा से लेकर बिल्डरों को लेना होगा प्रावधानों का आधार
अमरावती/दि.1– शहर में विगत कुछ वर्षों के दौरान बनकर तैयार हुई गगनचुंबी इमारतों की फ्लैट स्कीम में रहनेवाले लोगों को अब एक बडी राहत मिली है. इससे पहले ऐसी इमारतों में रहनेवाले लोगों से मेंटेनन्स की रकम जमा करने की जवाबदारी किसी एक फ्लैटधारक को लेनी पडती थी. परंतु अब अपार्टमेंट में रहनेवाले सभी फ्लैटधारकों द्वारा नियमानुसार संस्था यानी सोसायटी स्थापित कर उसके जरिए अपना कामकाज चलाया जा सकेगा. ऐसी संस्था का पंजीयन सहकार विभाग के पास किया जा सकेगा. जिसके लिए जिला उपनिबंधक (सहकारी संस्था) ने मनपा प्रशासन को एक पत्र भी लिखा है.
बता दें कि, म्हाडा, मनपा, जिला परिषद व आवास योजना पर अमल करनेवाले कार्यालयों सहित निजी बिल्डरों के जरिए शहर में 7 हजार से अधिक अपार्टमेंट यानी निवासी संकूल बनकर तैयार हुए है. एक अपार्टमेंट में औसतन 30 फ्लैट की संख्या को ग्राह्य मानने पर यह आंकडा 21 हजार के आसपास पहुंचता है. साथ ही प्रत्येक परिवार में कम से कम 4 सदस्य संख्या पकडने पर करीबन 8 लाख 40 हजार नागरिक शहर में स्थित अलग-अलग अपार्टमेंट की फ्लैट स्कीम में रहते है. इस कानूनी प्रावधान के चलते अब इन सभी लोगों को राहत मिलेगी. क्योंकि अब प्रत्येक फ्लैट स्कीम में सोसायटी स्थापित कर उसे पंजीकृत करना संभव हो गया है.
ज्ञात रहे कि, फ्लैट में जलापूर्ति तथा पोर्च व इमारत के चारों ओर रहनेवाली लाईटिंग एवं अन्य छिटपूट खर्च के देयक वहां रहनेवाले नागरिकों को अदा करने पडते है. जिसके लिए सभी फ्लैटधारकों से प्रति माह मेंटेनन्स के तौर पर एक निर्धारित रकम वसूल की जाती है. यह वसूली नियमानुसार हो, इस हेतु फ्लैट स्कीम में रहनेवाले नागरिकों की सोसायटी रहना आवश्यक है. परंतु ऐसी सोसायटी पंजीकृत करने की अब तक सुविधा ही नहीं थी. जिसके चलते लगभग सभी फ्लैट स्कीम में सबके द्वारा विश्वास व्यक्त किए गए किसी एक व्यक्ति को यह जिम्मेदारी उठानी पडती थी. इस दिक्कत को ध्यान में रखते हुए जिला उपनिबंधक कार्यालय ने इस संदर्भ में सरकार से मार्गदर्शन मांगा था. जिसके चलते अब महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 9 में इसे लेकर प्रावधान किया गया है. जिला उपनिबंधक शंकर कुंभार के पत्र के संदर्भ की वजह से मनपा प्रशासन ने भी तुरंत पहल करते हुए शहर में स्थित अपार्टमेंट तक इसकी जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया शुरु की है. ऐसे में अब सभी अपार्टमेंट में सार्वजनिक प्रयोग यानी जलापूर्ति, विद्युत उपयोग व अन्य छिटपूट दुरुस्ती वाले कामों पर होनेवाले खर्च पंजीकृत संस्था के मार्फत पूरा किया जा सकेगा.

* गृहनिर्माण सोसायटियों को पहले ही प्राप्त है सुविधा
जिन फ्लैट स्कीम का निर्माण गृहनिर्माण संस्था स्थापित कर किया गया है, वहां सोसायटी स्थापित करने की सुविधा पहले से उपलब्ध थी. परंतु इन दिनों किसी बिल्डर या स्थानीय स्वायत्त संस्था द्वारा जमीन खरीदकर वहां फ्लैट स्कीम का निर्माण किया गया और फिर अलग-अलग लोगों को फ्लैट बेचे गए. जिससे उन अपार्टमेंट में रहनेवाले लोगों की सोसायटी स्थापित करने की समस्या पैदा हुई. ऐसे में अब म्हाडा से लेकर निजी बिल्डरों तक सभी को नए प्रावधानों का आधार लेना होगा.

* पीएमवाय फ्लैटधारकों को भी दिया जा रहा पत्र
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत शहर में तैयार हुई इमारतों को भी इस प्रक्रिया से होकर गुजरना होगा. जिसके लिए विद्यापीठ के पास इंदला, बडनेरा रोड पर निंभोरा व बडनेरा जुनी बस्ती में साहिल लॉन के सामने बनाई गई इमारतों में रहनेवाले फ्लैटधारकों को पत्र देने की प्रक्रिया शुरु हो गई है. प्रधानमंत्री आवास योजना का जिम्मा संभालनेवाले उपअभियंता के मार्फत यह कार्रवाई की जा रही है.

* मनपा को जारी किया पत्र
सरकार के मार्गदर्शनानुसार संस्था का पंजीयन महाराष्ट्र सहकारी संस्था अधिनियम 1960 की धारा 9 के अनुसार करना संभव है. इस आशय का पत्र मनपा के उपअभियंता को भेजकर फ्लैटधारकों से सोसायटी के पंजीयन हेतु आवाहन किया गया.
– शंकर कुंभार
जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था

* सोसायटी में नागरिकों की होगी विश्वास निर्मिती
इस समय किसी एक फ्लैटधारक के जरिए अपार्टमेंट के पानी व विद्युत प्रयोग के देयक अदा किए जाते है. जिसके लिए संबंधित फ्लैटधारक द्वारा अपार्टमेंट में रहनेवाले सभी फ्लैटधारकों से रकम जमा की जाती है. जिसकी वजह से कई बार अविश्वास व विवादवाली स्थिति बन जाती है और कई बार देयक विलंब से अदा करने पर उस पर लगनेवाले दंड का सभी को नाहक बोझ उठाना पडता है. लेकिन अब पंजीकृत सोसायटी के जरिए यह सभी काम किए जा सकेंगे. जिससे तमाम दिक्कते दूर हो सकेंगी.

Back to top button