
* पर्यावरण को लेकर सरकार की सख्त भूमिका
अमरावती/दि.21– संत महात्माओं द्वारा पेड-पौधों को इंसानों के लिए सगे संबंधी की संज्ञा दी गई है. लेकिन इसके बावजूद भी अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए लोगबाग बडे पैमाने पर वृक्षों की कटाई करते हुए निसर्ग एवं पर्यावरण की हानि करते है. जिसकी वजह से दिनोंदिन पर्यावरण का संतुलन बिगड रहा है. ऐसे में पर्यावरण प्रेमियों द्वारा किये जाते आग्रह को देखते हुए सरकार भी वृक्ष कटाई के खिलाफ कठोर हुई है और अब बिना अनुमति पेडों की कटाई करने पर सीधे 50 हजार रुपए का दंड लगाया जाएगा. ऐसे में अब वृक्ष कटाई करने से पहले 10 बार विचार करना होगा.
उल्लेखनीय है कि, सरकार द्वारा प्रतिवर्ष बारिश के मौसम दौरान व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाता है. लेकिन जितने वृक्ष लगाये जाते है उसकी तुलना में कई गुना अधिक वृक्षों को विकास के नाम पर तोडकर पर्यावरण का नुकसान किया जाता है. विगत कुछ वर्षों के दौरान शहरी क्षेत्र में बडे पैमाने पर सिमेंट कांक्रिट के जंगल खडे कर दिये गये है. साथ ही साथ बडी-बडी सडकों व फोरलेन हाईवे का भी निर्माण किया गया है. जिसके लिए हजारों पेडों पर आरी व कुल्हाडी चलाई गई है. अमरावती शहर के बाहर से गुजरने वाले नागपुर रिंगरोड तथा अमरावती बडनेरा के बीच बनाये गये सिमेंट रोड के लिए रास्ते के दोनों ओर रहने वाले सैकडों पेडों को काट दिया गया है. विशेष यह है कि, तोडे गये वृक्षों की एवज में लगाये गये पौधों को पेड बनने में अभी काफी समय लगेगा. जिसके चलते तब तक पर्यावरण के असंतुलन की मार झेलनी पडेगी.
ज्ञात रहे कि, कई लोगों द्वारा अपने घरों के निर्माण कार्य, वाहन रखने की जगह तथा रास्ते व नाली के निर्माण हेतु बिना किसी अनुमति के अपने घर व परिसर मेें स्थित पेडों को धडल्ले से तोड दिया जाता था. लेकिन अब ऐसा करते समय 10 बार आगे-पीछे विचार करना होगी, क्योंकि शिकायत अथवा जानकारी मिलते ही बिना अनुमति वृक्ष कटाई करने वाले व्यक्ति के खिलाफ महानगरपालिका द्वारा कार्रवाई की जाएगी और ऐसे लोगों के खिलाफ अब सीधे 50 हजार रुपए का दंड लगाया जाएगा.
* पर्यावरण की रक्षा हेतु सख्त निर्देश
बदलते समय के अनुरुप विकास कामों की आड लेते हुए बडे पैमाने पर वृक्ष कटाई की जाती है. जिसके चलते पर्यावरण का संतुलन बिगड जाने से अब वृक्ष कटाई रोकने हेतु सरकार ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिये है और बिना अनुमति वृक्ष कटाई करने के 50 हजार रुपए के दंड का प्रावधान भी किया है. ऐसे में अब वृक्ष कटाई होती दिखाई देने पर तुरंत ही दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
* पहले लगता था केवल 1 हजार रुपए का दंड
वृक्ष कटाई करने पर दंड भी लगता है, यह बात कई लोगों को पता ही नहीं थी, लेकिन पर्यावरण को होने वाले नुकसान की बात ध्यान मे ंआने पर पर्यावरण प्रेमियों के सडक पर आते ही वृक्ष कटाई पर कुछ हद तक अंकुश लगा. साथ ही पर्यावरण की रक्षा हेतु आक्रामक भूमिका अपनाये जाने के चलते सरकार को भी कार्रवाई हेतु सख्त निर्देश जारी करने पडे. जिसके तहत जहां पहले मात्र 1 हजार रुपए का दंड लगाया जाता था. वहीं अब अवैध रुप से वृक्ष कटाई करने पर सीधे 50 हजार रुपए का दंड लगाया जा रहा है.
* एक साल में 4 कार्रवाई, 20 हजार का दंड
कठोरा मार्ग व रवि नगर परिसर में नये निर्माण कार्य करने हेतु बिना अनुमति वृक्ष कटाई की गई थी. जिसकी जानकारी महानगरपालिका को मिलते ही अधिकारियों व कर्मचारियों के पथक ने घटनास्थल पर जाकर मुआयना किया और शिकायत सही पाये जाने पर वृक्ष कटाई करने वाले लोगों पर कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपए का दंड लगाया.
* सालभर में 25 लोगों ने ली अनुमति
वृक्ष कटाई करने हेतु यदि अनुमति नहीं ली गई, तो कार्रवाई हो सकती है. इसका डर अब लोगों के मन में पौदा हो रहा है. यहीं वजह है कि, अब लोगबाग बेहद जरुरी वजहों के चलते वृक्ष कटाई करने हेतु अनुमति लेते दिखाई दे रहे है. विगत एक वर्ष के दौरान करीब 25 लोगों ने वृक्ष कटाई हेतु मनपा प्रशासन से अनुमति ली है.
* नियम केवल कागजों पर
विशेष उल्लेखनीय है कि, महानगरपालिका के पास शिकायत किये बिना किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती और मनपा को अवैध वृक्ष कटाई की जानकारी भी नहीं मिलती. ऐसे में नागरिकों को ही पर्यावरण के प्रति जागृक व सतर्क रहने की जरुरत है. जिसके बिना नियमों पर अमल नहीं हो सकेगा और सभी नियम कागजों पर बने रहेंगे.
* सरकारी कामों के लिए भी काटे जाते है पेड
सरकार द्वारा रास्तों सहित अन्य निर्माण कार्यों पर काफी जोड लिया जाता है. इसके लिए बडे पैमाने पर वृक्ष कटाई होती दिखाई देती है. इस समय विविध महामार्गों को तैयार किया जा रहा है. जिसके लिए सडक के दोनों ओर रहने वाले हजारों लाखों वृक्षों की कटाई की जा रही है. जिसकी तुलना में नये पेडों का रोपन अपेक्षित प्रमाण में नहीं हो रहा.
* वृक्ष कटाई हेतु कहां से ली जाये अनुमति
बिना अनुमति वृक्ष कटाई के मामले में कार्रवाई होने की संभावना होती है. ऐसे में वृक्ष कटाई करना आवश्यक रहने पर मनपा के उद्यान विभाग में नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जा सकती है. वहीं बिना अनुमति वृक्ष कटाई करने पर अब भारी भरकम जुर्माना अदा करना पड सकता है.