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अवैध शराब बेचनेवालों की अब खैर नहीं

अप्रैल माह में आबकारी विभाग चलाएगा विशेष मुहिम

* ढाबों व होटलों में अवैध शराब विक्री पर रखी जाएगी कडी नजर
* पानठेलों, अंडा गाडियों व चायनिज ठेलों की भी होगी पडताल
अमरावती/दि.4 – शराब विक्री का अधिकृत लाईसेंस नहीं रहने के बावजूद चोरी-छिपे तरीके से अवैध तौर पर शराब विक्री करनेवाले लोगों के खिलाफ राज्य उत्पाद शुल्क विभाग द्वारा जारी अप्रैल माह में एक जबरदस्त अभियान शुरु किया जा रहा है. जिसके तहत महामार्गों पर स्थित होटलों व ढाबों के साथ-साथ रिहायसी बस्तियों में स्थित पानठेलों, अंडा गाडियों व चायनिज गाडियों की जांच-पडताल करते हुए अवैध शराब विक्री का मामला पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी.
इस संदर्भ में राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के आयुक्त डॉ. राजेश देशमुख द्वारा जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि, सन 2023-24 तथा सन 2024-25 के दौरान महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि, कुल दर्ज मामलों में से क्रमश: 11.88 फीसद व 13.59 फीसद मामले ढाबों व होटलों में बिना लाईसेंस शराब विक्री अथवा विक्री के उद्देश्य से शराब का स्टॉक रखने से संबंधित है. साथ ही जारी वर्ष के दौरान ऐसे मामलों में 36.58 फीसद की वृद्धि हुई है. आबकारी आयुक्त डॉ. देशमुख के मुताबिक ढाबों व होटलों में होनेवाली शराब की अवैध विक्री की वजह से सरकार को मिलनेवाले राजस्व पर विपरित परिणाम होता है और मद्यप्राशन करनेवाले ग्राहकों के साथ भी जालसाजी होती है. जिसके अलावा कानूनी लाईसेंसधारक शराब विक्रेताओं पर भी इसकी वजह से अप्रत्यक्ष तौर पर अन्याय होता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए किसी भी ढाबे या होटल के जरिए शराब की अवैध विक्री न हो पाए इस हेतु अप्रैल माह के दौरान आबकारी विभाग के सभी संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों व उडनदस्तों द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसके अलावा कार्यकारी अधिकारियों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के सभी एफएल-3 लाईसेंधारकों से नियमित संपर्क में रहकर उनके परिसर में स्थित किसी ढाबे या होटल में गैरकानूनी तरीके से होनेवाली शराब विक्री की जानकारी प्राप्त कर ऐसे ढाबों व होटलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही साथ देशी व विदेशी शराब, दूसरे राज्यों में उत्पादित शराब व नकली शराब की गैरकानूनी तरीके से विक्री करनेवाले पानठेलों, अंडा गाडियों व चायनिज गाडियों के संचालकों पर भी आबकारी विभाग द्वारा नजर रखते हुए ऐसे सभी लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र शराबबंदी अधिनियम की धारा 65, 68 व 84 के तहत अपराध दर्ज किए जाएंगे. साथ ही एक से अधिक अपराध दर्ज रहने वाले संबंधितों के खिलाफ धारा 93 के तहत सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्ताव दाखिल कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी.
इस आदेश पत्र में आबकारी विभाग के सभी कार्यकारी अधिकारियों व उडनदस्तों को अप्रैल माह के दौरान लगातार कार्रवाई करते हुए प्रति सप्ताह अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट आबकारी अधीक्षक के पास प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. जिसके उपरांत अधीक्षकों द्वारा विभागीय उपायुक्त को एवं विभागीय उपायुक्त द्वारा सहायक आयुक्त के जरिए यह रिपोर्ट आबकारी आयुक्त के पास भेजी जाएगी.

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