कुछ ही बसेस रास्तों पर ; उनमें भी यात्री नहीं!
आठ डिपो में 53 बसेस द्वारा 146 फेरियां; ग्रामीण भाग में इंतजार कायम

अमरावती/दि.18-विगत तीन महीने से राज्य परिवहन महामंडल के कर्मचारियों का राज्य शासन में विलिनीकरण की मांग को लेकर हड़ताल शुरु है. जिले की 1,444 फेरियों में से 146 फेरियां शुरु होने के साथ ही अधिक मात्रा में बसेस खाली दौड़ रही है.
अमरावती संभाग के अमरावती, बडनेरा, दर्यापुर, परतवाड़ा, चांदूर बाजार, मोर्शी, वरुड, चांदूर रेल्वे इन आठ डिपो के कर्मचारी विगत नवंबर माह से एसटी महामंडल का शासन में विलिनीकरण किये जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर है. पश्चात एसटी बस रास्ते पर नहीं दिखाई दी. अब कुछ कर्मचारी काम पर लौटने से एसटी की फेरियों की संख्या बढ़ने से 52 बसेस द्वारा 146 फेरियां शुरु है. लेकिन एसटी को यात्रियों का अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिलते दिखाई दे रहा है.
* चार महीने में लगा 4 करोड़ रु.का फटका
राज्य परिवहन महामंडल के अमरावती विभाग को अब तक करीबन चार करोड़ का फटका बैठा है. वहीं गत चार महीने में 53 बस द्वारा 153 फेरियों के माध्यम से 1 करोड़ 80 लाख रुपए की आय अमरावती विभाग को मिली है.
* जिले की आगारनिहाय आकड़ेवारी
आगार नियमित फेरियां नियमित आय फिलहाल फेरियां फिलहाल आय
अमरावती 182 507049 52 270250
बडनेरा 126 392820 08 35415
परतवाड़ा 205 472286 06 18100
वरुड 190 452803 24 116855
चांदूररेल्वे 235 288443 04 7895
दर्यापुर 176 360451 16 62509
मोर्शी 184 310567 28 109985
चांदूर बाजार 212 284704 08 18150
* आगार प्रमुखों का कहना है...
– एसटी की हड़ताल शुरु होने के बाद कुछ दिन बसेस बंद थी. ऐसे में अब बसेस शुरु हुई है. अनेक रास्तों पर बसेस दौड़ने लगी है. उन्हें यात्रियों द्वारा समाधानकारक प्रतिसाद मिल रहा है.
– संदीप खवले, आगार प्रमुख अमरावती – आठ आगारों में 50 से अधिक बसेस दौड़ती हैं. एसटी यातायात सुचारु करने के लिए 50 निजी चालक करार पर लिए हैं. वाहकों की जिम्मेदारी भी एक निजी कंपनी को दी गई है. इसलिए संपूर्ण बसेस शुरु है.
– श्रीकांत गभणे, विभाग नियंत्रक * ग्रामीण भाग में कब दौड़ेगी बसेस?
जिले में एसटी को ग्रामीण यात्रियों का बड़ा आधार होता है. लेकिन एसटी की हड़ताल शुरु होने से गत तीन महीने में ग्रामीण भाग में एक भी बस नहीं गई. ग्रामीण भाग के यात्री शहर में निजी वाहनों से आते हैं. इसका भी एसटी पर असर हुआ है.