अमरावती

दिल्ली सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार भी स्कूलों को छुट्टी घोषित करें

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति की मुख्यमंत्री से मांग

अमरावती/दि.26 – दिल्ली सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार भी स्कूलों को छुट्टी घोषित करें, ऐसी मांग महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति की ओर से मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे से की गई है.
यहां बता दें कि कोविड-19 महामारी के चलते मार्च 2020 से स्कूलों को छुट्टियां घोषित किये जाने से शालेय शिक्षा भी बंद कर दी गई है. मई 2020 से सरकार ने ऑनलाइन अध्यापन के आदेश जारी किये. जिसके बाद मई 2020 से 25 जून तक ग्रीष्मकालीन छुट्टियां रहने पर भी ऑनलाईन पढ़ाई जारी रही. जिसके बाद नये शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत होने के बाद से आज भी ऑनलाईन पढ़ाई चल रही है. कोविड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सरकार ने शुरुआत मेंं कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्रों को सीधे अगली कक्षाओं में प्रवेश देने की घोषणा की. जिसके बाद कक्षा 9 वीं व 11 वीं की भी परीक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया गया. वहीं 20 अप्रैल को शिक्षामंत्री ने दसवीं की परीक्षा रद्द करने की जानकारी दी. प्रति वर्ष शालेय अध्यापन समाप्ति मार्च आखिर तक होने के बाद अप्रैल में परीक्षा ली जाती है. इसके बाद छात्रों व शिक्षकों को अध्ययन व अध्यापन की छुट्टी मिलती है. लेकिन अब राज्य सरकार से फिर से आगामी 2 मर्ई से स्कूलों को छुट्टी घोषित करने की मांग की गई है. मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई करते समय शिक्षक और छात्रों को भारी परेशानी हो रही है.इसलिए छात्र व अभिभावक यह मांग कर रहे हैं कि दिल्ली सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार ने भी स्कूलों को छुट्टी घोषित करनी चाहिए.

रमजान निमित्त वेतन का शीघ्र भुगतान करें

प्रहार शिक्षक संगठन की मांग
अप्रैल माह समाप्त होने की कगार पर है फिर भी मार्च माह का वेतन नहीं मिल पाया है. इसी कड़ी में मुस्लिम बंधुओं के पवित्र रमजान माह निमित्त मई माह का वेतन होना आवश्यक है. 14 मर्ई को रमजान ईद मनायी जाएगी. जिसके चलते 6 मई तक वेतन अदा करने की मांग प्रहार शिक्षक संगठन के राज्याध्यक्ष महेश ठाकरे ने मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे, शालेय शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़, नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे तथा शालेय शिक्षा राज्यमंत्री बच्चू कडू को निवेदन भेजकर की है.
प्रहार शिक्षक संगठना के राज्याध्यक्ष महेश ठाकरे ने बताया कि राज्य के जिला परिषद, मनपा, नगर परिषद में कार्यरत शिक्षकों का वेतन अब तक नहीं दिया गया है. जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए जल्द से जल्द वेतन का भुगतान करने की मांग की गई है.

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