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रिफंड का झांसा देकर 10.43 लाख की ऑनलाइन जालसाजी

अमरावती/दि.1- स्थानीय विद्याभारती कॉलेज परिसर के निकट गीतांजलि कालोनी में रहने वाले एक व्यक्ति को एमेझॉन से अपना पैसा प्राप्त करने हेतु गूगल के जरिए एमेझॉन का कंस्टमर केअर का नंबर खोजना अच्छा खासा महंगा पड गया. क्योंकि उस व्यक्ति ने गूगल के जरिए जिस नंबर को खोजा, वह किसी झांसेबाज का निकला और उसने रिफंड दिलाने के नाम पर एक लिंक भेजते हुए संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से 10 लाख 43 हजार रुपए उडा लिए.
इस संदर्भ में राजेंद्र जानराव धर्मासरे ने पुलिस मेें शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि, उन्होंने एमेझॉन एप से 4045 रुपए की वेल्डिंग मशीन ऑर्डर की थी. जिसका पेमेंट बजाज फाइनांस के कार्ड के जरिए कर दिया गया था. पश्चात 29 अक्तूबर को कुरियर कंपनी का डिलेवरी बॉय उनके घर पर उनका पार्सल लेकर पहुंचा. जिस समय घर पर उनकी पत्नी थी. जिसने उन्होंने पार्सल प्राप्ति का ओटीपी पूछने हेतु फोन किया. परंतु वे कहीं व्यस्त रहने के चलते फोन नहीं उठा पाए, तो डिलेवरी बॉय उक्त पार्सल को लेकर वापिस चला गया. ऐसे में उन्होंने घर लौटने के बाद एमेझॉन एप पर रिपोर्ट करने का प्रयास किया. जिसमें असफल रहने पर उन्होंने 29 अक्तूबर की शाम ही गूगल पर एमेझॉन कंस्टमर केअर नंबर खोजा और एक मोबाइल नंबर दिखाई देने पर उससे संपर्क किया, तो दूसरी ओर से बात करने वाले व्यक्ति ने राजेंद्र धर्मासरे से उनकी बैंक डिटियल प्राप्त की. साथ ही बताया कि, रात काफी हो जाने और नेटवर्क की समस्या रहने के चलते रिफंड की प्रक्रिया नहीं हो रही है. जिसे कल सुबह किया जाएगा. जिसके साथ ही उस व्यक्ति ने धर्मासरे को उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजकर रिफंड प्राप्त करने हेतु उस लिंक को खोलने तथा उसमें दर्शाए गए निर्देशों का पालन करने की बात कहीं. परंतु जब धर्मासरे ने उस लिंक को खोला और उसमें बताए अनुसार पूरी प्रक्रिया की, तो रिफंड मिलने की बजाय उनके ही अकाउंट से 10 लाख 43 हजार 159 रुपए कट गए. ऐसे में अपने साथ जालसाजी होने की बात समझमें आते ही राजेंद्र धर्मासरे ने तुरंत ही साइबर पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर साइबर पुलिस ने भादंवि की धारा 419 व 420 तथा सूचना तंत्रज्ञान अधिनियम की धारा 66 (क) व 66 (ड) के तहत अपराध दर्ज करते हुए जांच शुरु कर दी.

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