रात में दौडने वाली पांच रेलगाडियों में केवल 20 सुरक्षा कर्मचारी!
रेल प्रशासन पर सुरक्षा को लेकर प्रश्नचिन्ह

अमरावती/ दि.21– रेलवे स्टेशन पर, यात्री या प्रापर्टी सुरक्षा की जिम्मेदारी रेल सुरक्षा दल को सौंपी गई है, मगर रेलवे में रात की यात्रा असुरक्षित है. चोरी, डाका, उठाईगिरी जैसी रोजाना की बात हो चुकी है. इससे पहले कोई अन्य घटनाओं से यह बात स्पष्ट हो गई है. 25 से 28 बोगियों की रेलगाडी में केवल 4 बंदूकधारी सुरक्षा रक्षक तैनात रहते है. इसके कारण रेल यात्रियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हुआ है.
बडनेरा से भुसावल रेलवे स्टेशन के बीच रात के समय रेलगाडियों में सुरक्षा दल के कर्मचारी तैनात किये जाते है. रात की रेलगाडी में बंदूकधारी सुरक्षा रक्षक तैनात करने की नियमावलि है. रात के समय रेलगाडी में यात्रा असुरक्षित होने पर ऑनलाइन या तैनात रेलवे सुरक्षा दल को शिकायत प्राप्त हुई तो तत्काल कार्रवाई की जाती है. बडनेरा व अकोला से दौडने वाली रेलगाडी में सुरक्षा रक्षक तैनात किये जाते है. बडनेरा, अकोला से दौडने वाली रेलगाडी में चार बंदूकधारी तैनात किये जाते है. रेलवे भुसावल विभाग के रेलवे सुरक्षा दल के वरिष्ठों ने भुसावल से बडनेरा के बीच रात के समय दौडने वाली 5 रेलगाडियों में 20 सुरक्षा रक्षक नियुक्त किये है. रात की यात्रा के समय अप्रिय घटना के समय 139 क्रमांक पर सुविधा उपलब्ध कराई गई है. ट्विटर वॉटसएप और अन्य मीडिया के माध्यम से सुरक्षा के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.