कोई मुद्दा नहीं रहने पर विरोधक कर रहे संविधान बदलने का शोर
राकांपा नेता व डेप्यूटी सीएम अजीत पवार का कथन

* अमरावती में विपक्षियों को जमकर लिया आडे हाथ
अमरावती /दि.22– विपक्ष के पास विकास से संबंधित कोई मुद्दे ही नहीं है. यहीं वजह है कि, विपक्षी नेताओं द्वारा बार-बार यह शोर मचाया जाता है कि, सत्ता पक्ष द्वारा संविधान बदलने का प्रयास किया जा रहा है. परंतु इस आरोप में कोई तथ्य नहीं है. अत: आम जनता ने विपक्ष के इस बेतुके आरोप के झांसे में बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए. इस आशय का आवाहन राकांपा नेता व राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा किया गया.
गत रोज अमरावती संसदीय क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी नवनीत राणा के समर्थन हेतु शिव संभाजी स्वराज्य प्रतिष्ठान द्वारा संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में बहुजन सम्मेलन व गणमान्यों का सत्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया था. जिसमें बतौर प्रमुख अतिथि उपस्थित उपमुख्यंमत्री अजीत पवार ने उपरोक्त आवाहन किया. इस कार्यक्रम में भाजपा की महिला प्रदेशाध्यक्ष चित्रा वाघ, जिलाध्यक्ष सांसद डॉ. अनिल बोंडे, शहराध्यक्ष विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, मनसे के वरिष्ठ संगठक पप्पू पाटिल, श्री शिवाजी शिक्षा संस्था के सदस्य हेमंत कालमेघ, माली समाज संगठन के अविनाश ठाकरे, पूर्व जिपाध्यक्षा सुरेखा ठाकरे व भाजपा की प्रदेश सदस्य निवेदिता चौधरी उपस्थित थे.
इस समय डेप्यूटी सीएम अजीत पवार ने कहा कि, महायुति द्वारा महिलाओं का पूरा सम्मान किया जाता है. वहीं विपक्षी नेताओं द्वारा महिलाओं को लेकर अपशब्द कहे जाते है. शायद उन नेताओं के घर में माताएं व बहनें नहीं होती होगी. इसके साथ ही डेप्यूटी सीएम अजीत पवार ने इंडिया गठबंधन व कांगे्रस सांसद राहुल गांधी की भी जमकर आलोचन की और कहा कि, इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर सबकुछ खिचडी हो गया है और वहां पर नेतृत्व करने वाला कोई नेता दिखाई नहीं देता. ऐसे में देश हित के लिए नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना बेहद आवश्यक है. क्योंकि पीएम मोदी ही सहीं मायनों में गंभीरतापूर्वक देश के नेतृत्व कर सकते है.
* खोडके गुट रहा नदारद
उम्मीद जतायी जा रही है कि, राकांपा नेता व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के अमरावती दौरे पर रहने के चलते अजीत पवार गुट वाली राकांपा के प्रदेशाध्यक्ष संजय खोडके तथा उनके गुट के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी सांस्कृतिक भवन में उपस्थित रहेंगे. परंतु सुरेखा ठाकरे व डॉ. गणेश खारकर के अलावा अजीत पवार के नेतृत्ववाली राकांपा से वास्ता रखने वाला कोई तीसरा नेता कल के कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिया. बता दें कि, संजय खोडके और राणा दम्पति के बीच विगत लंबे समय से कट्टर प्रतिद्वंदीता व अदावत चलती आ रही है. जिसके चलते संजय खोडके ने शुरुआत से ही अपने आपको नवनीत राणा के प्रचार से दूर रखा है.