जीवन की प्रत्येक बात सिखाती ऑर्किड स्कूल
वलगांव रोड के नवसारी में सीबीएसई पैटर्न

* शाला इतर उपक्रमों की भरमार
* परंपरा से जुडाव सहित आधुनिक शिक्षा
* इस वर्ष की थीम वसुधैव कुटुंबकम
अमरावती/ दि. 4 – आशीर्वाद महिला बहुउद्देशीय शिक्षा संस्था द्बारा संचालित और वलगांव रोड नवसारी के पास स्थित ऑर्किड सिटी इंटरनैशनल स्कूल पंरपरा से गहरा जुडाव रखते हुए आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण स्थान बनी है. जहां बच्चे को जीवन की प्रत्येक बात पूरे मनोयोग से सिखलाई जा रही है. जिससे आनेवाले कल के संस्कारवान और उतने ही आधुनिक शिक्षा से रचेबसे नागरिक तैयार करने का प्रयत्न अत्यंत सहजता से हो रहा है. शाला की अध्यक्ष से लेकर प्रिंसिपल और संपूर्ण स्टाफ अत्यंत गुणवत्तापूर्ण है. जिसके कारण रोजमर्रा की बातें सिखाते हुए गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा यहां दी जा रही है. इस वर्ष की थीम वसुधैव कुटुंबकम रहने की जानकारी प्रिंसिपल वर्षा राठोड ने अमरावती मंडल से बातचीत में दी. उन्होंने शाला की संपूर्ण गतिविधियों और उपलब्ध सुविधाओं एवं निष्णांत स्टॉफ सहित सभी बातों पर इस वार्तालाप में प्रकाश डाला. शाला की संगीत विशेषज्ञ अध्यापिका संगीता पवार इस समय उपस्थित रही.
* अध्यक्ष गौरी देशमुख का विजन
प्रिंसिपल राठोैड ने बताया कि संस्था अध्यक्षा गौरी अंगद देशमुख का बच्चों की शिक्षा को लेकर स्पष्ट अभिमत है कि कल के बेहतरीन नागरिक बनाने का दायित्व शालाओं पर है. ऐसे में ऐसी शाला का निर्माण हम सभी को साथ आकर करना है. जहां आनेवाले कल के बच्चों का भविष्य बेहतरीन आकार लें. राठौड ने बताया कि थीम के साथ प्रत्येक क्षेत्र में विद्यार्थियों को पारंगत करने का प्रयास है. उन्होंने सप्रमाण विद्यार्थियों के शाश्वत चौमुखी विकास के लिए शाला में पूरे वर्ष चलती गतिविधियों और पढाई की विस्तार से जानकारी दी.
कक्षा में 40 विद्यार्थी
वलगांव रोड के निसर्गरम्य वातावरण में ऑर्किड स्कूल का परिसर लगभग 6 एकड में विस्तृत है. कक्षा पहली से लेकर 10 वीं तक यहां पढाई हो रही है. सीबीएसई से शाला संलग्न है. अत: उसका संपूर्ण पाठयक्रम नित्य नियम से पढाया जाता है. शाला का स्टाफ लगभग 40-50 लोगों का है. प्रत्येक कक्षा में मात्र 40 विद्यार्थी लिए जाते हैं. ताकि प्रत्येक विद्यार्थी पर अध्यापक का बराबर ध्यान रहे. संस्कारों पर सर्वाधिक ध्यान दिया जाता है.
थीम पर होती प्रार्थना
शाला की प्रतिवर्ष की थीम तय होकर उसका वार्षिक कैलेंडर तय होता है. थीम पर प्रार्थना होती है. प्रत्येक विद्यार्थी को थीम के विषय में जानकारी लेकर वक्तव्य करने का अवसर दिया जाता है. बेशक जानकारी जुटाने में अध्यापक उन विद्यार्थियों की पूर्ण सहायता व मार्गदर्शन करते हैं. विद्यार्थी अधिकाधिक नॉलेज स्वयं होकर लेते हैं. जिससे यहां पढाया गया अथवा सिखाया गया गुण और पाठ उन्हें आगे भी जीवन पर्यंत स्मरण रहता है एवं उनके लिए उपयोगी होता है.
* शाला का एप, प्रत्येक जानकारी अपलोड
प्रिंसिपल वर्षा राठौड ने बताया कि, दैनंदिन जीवन की प्रत्येक बात सिखाने का परिश्रम पूर्ण प्रयत्न यहां हो रहा है. खेती किसानी से लेकर कढाई, बुनाई, सिलाई और संगीत, सभी वाद्य यंत्र की जानकारी और उन्हें बजाने एवं गाने का भी पाठ पढाया जाता है. शाला का एप है जिस पर रोज की गतिविधियों और पढाई के बारे में जानकारी अपडेट की जाती है ताकि प्रत्येक अभिभावक को इस बारे मेें पता रहे. होमवर्क और क्लास वर्क के अलग-अलग बुक होते हैं. जिसका अपडेट शाला का स्टॉफ बराबर लेता है.
स्मार्ट क्लास रूम, डिजिटल टूल्स
ऑर्किड सिटी स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम और डिजिटल पढाई टूल्स तो है ही. विज्ञान, गणित और भाषाओं की विशेष प्रयोगशालाएं है. सभी प्रकार के मैदानी और इंडोर खेल की सुविधाएं होने से विद्यार्थियों का अपेक्षित शारीरिक विकास भी बराबर होता है. लाइब्रेरी में विविध विषयों की भरपूर पुस्तकें और डिजिटल साधन उपलब्ध है. खेल और एथलेटिक के साथ साथ कला विकास पर भी ध्यान दिया जाता है. कला और संगीत के परिपूर्ण ऐसे कक्ष उपलब्ध है. जहां विद्यार्थी गीत संगीत की शिक्षा रूचि से ग्रहण करता है. नृत्य, ड्रामा और संगीत की बेहतरीन शिक्षा दी जाती है. संगीता पवार जैसी निष्णांत संगीत अध्यापिका शाला में होने से विद्यार्थियों को उसका बडा लाभ हो रहा है.
बच्चों की चौमुखी प्रगति ही लक्ष्य
नवसारी रोड पर स्थित ऑर्किड की प्रिंसिपल ने बताया कि शाला का लक्ष्य बच्चों की चहुंओर प्रगति है. इसलिए एक ओर जहां खेतीबाडी सिखाई जाती है. उसके भी प्रहर होते हैं. दूसरी ओर लडकपन से ही उद्योग का नॉलेज देने के लिए इंडस्ट्री विजिट फिल्ड वर्क में होती है. औषधीय गुणों से युक्त पौधे लगवाए जाते हैं. सीड बॉल का उपक्रम शाला की एक बडी विशेषता है. बच्चों को सीड बॉल बनाना सिखाने के साथ उसे अपनी पारिवारिक ट्रीप में भी वनों से गुजरते समय यह सीड बॉल उछालने की बात बतलाई गई है. इसके बहुतेरे फायदे हैं. वर्षा राठौड ने बताया कि छोटे विद्यार्थियों को अल्पायु से बताई गई यह बात उन्हें पर्यावरण की रक्षा हेतु सजग और पर्यावरण प्रेमी बनाती है. वे जीवन पर्यंत पर्यावरण की देखभाल का पाठ लडकपन में ही पढ लेते हैं.
परिवहन के पाठ, आरटीओ आते हैं शाला में
जीवन से जुडी प्रत्येक बात की जानकारी देने का प्रयत्न ऑर्कीड स्कूल ें में हो रहा है. वर्षा राठौड ने बताया कि, परिवहन विभाग के अधिकारियों , निरीक्षकों की शाला में नियमित विजिट रखी जाती है. आरटीओ कहते हैं कि नियमित विजिट रखनेवाली ऑर्किड स्कूल क्षेत्र की एकमात्र संस्था हैं. जहां नन्हें मुन्ने विद्यार्थियों को यातायात के नियम सिखलाए जाते हैं. परिवहन से जुडी अनेक बातें बराबर बतलाई जाती है. अल्पायु मेंं सीखी गई यह सीख विद्यार्थी जीवन में बराबर याद रखते हैं और अपनाते हैं.
दामिनी पथक भी नित्य आते हैं
पुलिस के दामिनी पथक की भी ऑर्कीड शाला की भेंट तय है. जिससे विद्यार्थियों को जहां पुलिसिंग की कार्यप्रणाली से अवगत होने का अवसर मिलता है. वहीं छात्राएं भी निडर होती है. अन्याय, अत्याचार के विरूध्द संघर्ष का पाठ बतलाया जाता है. शाला की सैर भी नियमित होती है. विद्यार्थी ऐसी सैर से काफी कुछ सीखते हैं. प्रिंसिपल राठौड ने शाला के अनेक उपक्रमों की जानकारी देते हुए बतलाया कि एसएलसी स्टुडंट लैड कन्फरंस, एसएलपी स्टुडंट लेड प्रोजेक्ट बडे हिट रहे. अभिभावकों ने इन उपक्रमों को सराहा. उन्होंने बताया कि शहर की प्रसिध्द बाल मनोविज्ञान की विशेषज्ञ डॉ. मोहना कुलकर्णी का ऑर्कीड शाला से खास लगाव व अनुबंध है. वे अभिभावकों को बच्चों का मनोविज्ञान सीखने में सहायता करने तत्पर रहती है.
अनेक पुरस्कार जीते ऑर्किड ने
संस्था के कोषाध्यक्ष अंगद देशमुख सहित प्रिंसिपल और प्रबंधन सभासदों के नेतृत्व में ऑर्किड शाला ने क्षेत्र स्तर के अनेक पुरस्कार व गौरव प्राप्त किए हैं. मीमासा का अवार्ड सतत दो वर्ष ऑर्किड शाला और उसके संस्था कोषाध्यक्ष अंगद देशमुख को प्राप्त हुआ है. उसी प्रकार बेस्ट स्कूल अवार्ड इन ई लर्निंग मैथडोलॉजी में ऑर्किड जीत चुकी है. हैरीटेज क्लब का भी सम्मान प्राप्त होने की जानकारी उन्होंने दी.
* प्ले ग्रुप से 10 वीं तक
ऑर्किड शाला का प्ले ग्रुप ऑर्किड गोकुलम प्री स्कूल डे केयर शहर के कैम्प क्षेत्र में आशीर्वाद भवन में शुरू किया है. जिसमें नन्हें मुन्नों के लिए संगीत क्षेत्र, कला क्षेत्र, सॉफ्ट जिम, लायब्रेरी, मांटेसरी, नैपनेस्ट, थियेटर, भोजन कक्ष आदि के साथ अन्य सुविधाएं हैं. शाला संचालकों का दावा है कि यह अमरावती का सबसे बडा डे केयर केन्र्द्र है. जिसकी एडमिशन शुरू हो गई है. इनरोल के लिए 8530334111 अथवा 7796812627 से संपर्क किया जा सकता है.
* सचिव ममता ठाकरे की उंची शैक्षणिक सोच
आशीर्वाद संस्था में सचिव ममता ठाकरे की शैक्षणिक सोच प्रगल्भ और उंची हैं. उन्हीं के प्रयत्नों से संस्था स्थापित हुई और ऑर्किड शाला प्रारंभ की गई. आज संस्था पदाधिकारियों ने अध्यक्षा गौरी देशमुख, कोषाध्यक्ष अंगद देशमुख, उपाध्यक्ष सुनंदा देशमुख, सहसचिव प्रतापराव देशमुख और कार्यकिरणी सदस्योेंं में अशेाक ठाकरे, प्रियंका सालवे, कैद की जगताप का समावेश है.
किसानों के बच्चों को स्कॉलरशिप
प्रिंसिपल वर्षा राठौड ने बताया कि संस्था के कोषाध्यक्ष अंगद देशमुख स्वयं किसान है. अत: कृषकों के पाल्यों हेतु शाला और संस्था में विशेष स्कॉलरशिप का प्रावधान है. संस्था ने इसकी अधिकृत घोषणा भी की है. आधुनिक सुविधाओं और पौराणिक संस्कारों से परिपूर्ण ऑर्किड शाला की फीस तुलना में अत्यंत कम है. उसी प्रकार कृषक परिवारों के बच्चों के लिए विशेष छात्रवृत्ति उपलब्ध है. सैनिकों के पाल्यों के लिए भी ऑर्किड शाला और संस्था में सुविधाएं व छात्रवृत्ति उपलब्ध है.