
अमरावती/दि.31– सरकार की गलत नीतियों की वजह से ओबीसी समाज को काफी तकलीफों व दिक्कतों के साथ ही अन्याय का सामना करना पड रहा है. ऐसे में महाराष्ट्र प्रांतिक तैलिक महासभा द्वारा तैलिक समाज सहित पूरे ओबीसी समाज की समस्याओं व दिक्कतों को लेकर आवाज उठाने का काम किया जा रहा है. ऐसे में अलग-अलग उपजातियों में बंटे तैलिक समाज सहित ओबीसी समाज ने मौजूदा वक्त की जरूरत को देखते हुए एकजूट व संगठित होना चाहिए. इस आशय का प्रतिपादन महाराष्ट्र प्रांतिक तैलिक महासभा के अध्यक्ष व सांसद रामदास तडस द्वारा किया गया.
बता देें कि, सांसद रामदास तडस की अगुआई में विगत 8 दिसंबर को संताजी जगनाडे महाराज के जयंति अवसर पर तैलिक समाज जोडो अभियान का प्रारंभ किया गया. और राज्यस्तर पर संताजी जगनाडे महाराज द्वारा लिखीत ग्रंथ व उनकी चरण पादुकाओं की पालखी के साथ रथयात्रा का आयोजन किया गया. इस रथयात्रा का आज 31 दिसंबर की सुबह अमरावती आगमन हुआ. इस उपलक्ष्य में यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में सांसद रामदास तडस द्वारा उपरोक्त प्रतिपादन किया गया.
इस पत्रवार्ता में सांसद रामदास तडस ने बताया कि, विगत 8 दिसंबर को संताजी महाराज के 11 वें वंशज गोपालसेठ जगनाडे व जनार्दन जगनाडे की प्रमुख उपस्थिति में इस रथयात्रा का शुभारंभ हुआ था और इस दौरान राज्य के सभी क्षेत्रोें में इस रथयात्रा को तैलिक समाज बंधुओं द्वारा शानदार प्रतिसाद मिला. जिससे वे बेहद अभिभूत है. इस रथयात्रा के जरिये तैलिक समाज बंधुओं को जागरूक व संगठित करने के साथ ही ओबीसी संवर्ग में शामिल सभी जाति व उपजाति के नागरिकों से एकसाथ आने का आवाहन किया जा रहा है.
इस पत्रवार्ता में यह जानकारी भी दी गई कि, महाराष्ट्र प्रांतिक तैलिक महासभा द्वारा शुरू किये गये तेली समाज के ऍप के जरिये समूचे राज्य में तेली समाज की जनगणना करते हुए समाज का इम्पिरिकल डेटा संकलित किये जाने की सख्त जरूरत है, ताकि ओबीसी समाज में शामिल तेली समाज को आरक्षण का लाभ मिलता रहे. इस पत्रवार्ता में महाराष्ट्र प्रांतिक तैलिक महासभा के अध्यक्ष सांसद रामदास तडस सहित महासचिव भूषण कार्डिले, कोषाध्यक्ष गजू नाना शेलार, मार्गदर्शक शंकरराव हिंगासपुरे, विभागीय अध्यक्ष संंजय हिंगासपुरे, विभागीय महासचिव राजू हजारे, वर्हाड अध्यक्ष प्रा. डॉ. संजय शिरभाते, राज्य संगठक सचिव अमोल आगाशे, जिला कार्याध्यक्ष बाबासाहब शिरभाते, जिला सचिव नामदेव गुल्हाने, युवा विभागीय अध्यक्ष सागर शिरभाते सहित महासभा के पदाधिकारी बडी संख्या में उपस्थित थे.